जयपुर, 11 अक्टूबर (भाषा) राजस्थान के ब्यावर में रविवार शाम सूचना का अधिकार (आरटीआई) कार्यकर्ताओं की रैली के दौरान अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले चंदे के कथित गबन के संदर्भ पर कुछ दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं की आपत्ति के बाद विवाद हो गया। दोनों पक्षों ने मारपीट का आरोप लगाते हुए एक-दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
ब्यावर शहर थाने के प्रभारी आशुतोष पांडे ने बताया कि घटना चांग गेट के पास हुई, जहां मजदूर किसान शक्ति संगठन (एमकेएसएस) की ओर से आरटीआई कानून के 21 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों के तहत वार्षिक ‘घोटाला रथ यात्रा’ निकाली जा रही थी।
आरटीआई कार्यकर्ता निखिल डे ने आरोप लगाया कि दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने रैली को रोक दिया और इसमें शामिल प्रतिभागियों और महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की की।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों से दूसरे राज्यों के लोगों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल किए गए।
वहीं, ब्यावर से भाजपा विधायक शंकर सिंह रावत ने आरोप लगाया कि रैली में शामिल लोग राम मंदिर, भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नारे लगा रहे थे, जिससे स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
रावत ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर वह पुलिस थाने पहुंचे। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में स्थानीय लोग प्राथमिकी दर्ज करा रहे थे।
डे ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रैली के दौरान किसी धर्म के खिलाफ नारे नहीं लगाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष के लोगों ने धमकी भरे नारे लगाए।
उन्होंने कहा कि ‘घोटाला रथ यात्रा’ में विभिन्न कथित घोटालों से संबंधित पोस्टर लगाए गए थे, जिनमें अयोध्या के राम मंदिर के चंदे में कथित गबन का संदर्भ भी शामिल था।
डे ने कहा, ‘‘किसी धर्म या राजनीतिक दल के खिलाफ कुछ नहीं था। हम अलग-अलग सरकारों से जुड़े भ्रष्टाचार और घोटालों के मुद्दे उठाने के लिए हर साल यह यात्रा निकालते हैं।’’
उन्होंने बताया कि आरटीआई आंदोलन की जन्मस्थली माने जाने वाले ब्यावर में 12 अक्टूबर को आरटीआई दिवस से पहले आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से कार्यकर्ता पहुंचे थे।
डे के अनुसार, कार्यकर्ता शांतिपूर्वक अजमेरी गेट से चांग गेट की ओर रैली निकाल रहे थे, तभी दो-तीन लोगों ने उन्हें रोककर गाली-गलौज की और बाहर से आए लोगों की मौजूदगी पर सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में अधिक संख्या में पहुंचे लोगों ने फिर रैली रोकी और प्रतिभागियों के साथ मारपीट की।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की की गई और उनके साथियों से मारपीट की गई। घटना के बाद दो लोगों ने चिकित्सकीय जांच भी कराई गई।
डे ने बताया कि आयोजकों ने कार्यक्रम की सूचना जिला प्रशासन को पहले ही दे दी थी। उन्होंने कहा कि शनिवार को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ धरना दिया गया था, जबकि रविवार को ‘घोटाला रथ यात्रा’ और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना थी।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुकृति ने बताया कि रैली के दौरान कुछ स्थानीय लोगों और आरटीआई कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी हुई थी। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
भाषा बाकोलिया शफीक
शफीक