जिनेवा, 11 अक्टूबर (एपी) पूर्वी अफ्रीकी देश जिबूती के तट के पास 305 प्रवासियों को ले जा रही एक नौका के पलटने से बच्चों सहित कम से कम 139 लोगों की मौत हो गई। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) ने रविवार को यह जानकारी दी।
आईओएम के अनुसार, कम से कम 84 लोग अब भी लापता हैं। यह अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र से अरब प्रायद्वीप तक के लोकप्रिय लेकिन खतरनाक समुद्री मार्ग पर हुई अब तक की सबसे भीषण नौका दुर्घटनाओं में से एक है। इस मार्ग से कई प्रवासी खाड़ी के समृद्ध देशों में काम की तलाश में जाते हैं।
संगठन ने कहा कि नौका बृहस्पतिवार रात या शुक्रवार सुबह जिबूती से यमन जा रही थी, तभी वह पलट गई। इसने बताया कि 80 से अधिक लोग इस हादसे में बच गए, जो इथियोपिया के नागरिक हैं।
आईओएम की ओर से साझा किए गए एक वीडियो में समुद्र तट पर जूतों समेत कुछ निजी सामान दिखाई दिया, जिसके प्रवासियों का होने की आशंका है। लापता लोगों के जीवित बचने की उम्मीद कम होने की आशंका के बीच बचाव अभियान जारी है।
संगठन ने अपने बयान में कहा कि अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र से हर साल हजारों प्रवासी सुरक्षा और बेहतर आर्थिक अवसरों की तलाश में जिबूती से होते हुए बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पार कर खाड़ी के देशों की ओर जाते हैं।
जलडमरूमध्य के दूसरी ओर यमन में हाल में लड़ाई तेज होने के बावजूद प्रवासियों का यह आवागमन जारी है।
जिबूती में आईओएम के मिशन प्रमुख अलेक्जेंडर कोइसाक ने कहा, ‘‘यह जानमाल का बेहद दुखद नुकसान है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह त्रासदी इस प्रवासन मार्ग पर आर्थिक अवसरों की तलाश में निकलने वाले प्रवासियों के सामने मौजूद खतरों की स्पष्ट याद दिलाती है।’’
आईओएम की महानिदेशक एमी पोप ने कहा, ‘‘कोई भी व्यक्ति ऐसी नौका में तभी सवार होता है, जब उसे लगता है कि सुरक्षित रास्ते का कोई दूसरा विकल्प नहीं है।’’
आईओएम के ‘मिसिंग माइग्रेंट्स प्रोजेक्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल इस मार्ग पर 900 से अधिक प्रवासियों की मौत हो गई थी या वे लापता हो गए थे।
एपी रवि कांत नेत्रपाल
नेत्रपाल