देहरादून, 11 अक्टूबर (भाषा) उत्तराखंड के चमोली जिले के सिमली क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों के सैकड़ों निवासियों ने 12 साल पहले बने महिला अस्पताल को पूरी तरह चालू कराने की मांग को लेकर रविवार को देहरादून के लिए पदयात्रा शुरू की।
प्रदर्शनकारियों ने मांग पूरी नहीं होने पर 2027 के विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी भी दी।
‘सिमली बेस अस्पताल संघर्ष समिति पदयात्रा’ के तहत यह यात्रा प्रतिभागियों के पूजा-अर्चना करने के बाद सिमली से शुरू हुई। प्रदर्शनकारियों में ज्यादातर महिलाएं थीं। उन्होंने ‘‘बेस अस्पताल नहीं, तो वोट नहीं’’ जैसे नारे लगाए और अपनी मांगों से जुड़े बैनर लेकर पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ कर्णप्रयाग की ओर मार्च किया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रही समिति के संयोजक देवेंद्र सिंह ने कहा कि अस्पताल 12 साल पहले बनाया गया था, लेकिन यह अब भी आंशिक रूप से ही संचालित हो रहा है।
देवेंद्र सिंह ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘स्थानीय लोग लंबे समय से इस मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। सरकार पर दबाव बनाने के लिए क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों के लोग विशेष रूप से महिलाएं, इस आंदोलन में हिस्सा ले रही हैं।’’
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी पैदल करीब 200 किलोमीटर की दूरी तय कर 20 अक्टूबर को देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात करेंगे।
सिंह ने कहा कि अस्पताल को पूरी तरह चालू करने की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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