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चेन्नई, 11 अक्टूबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को युवाओं से कहा कि यह युग उनका है, क्योंकि दुनिया समस्याओं के समाधान के लिए उनकी ओर देख रही है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक समुदाय नयी और अभिनव संभावनाओं की तलाश में जुटा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने यहां जयगोपाल गारोडिया हिंदू विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए युवाओं के सशक्तीकरण, राष्ट्रीय एकता और तमिल विरासत के शाश्वत ज्ञान पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि वैश्विक समुदाय नए और अभिनव समाधान तलाशने में जुटा है। उन्होंने छात्रों से कहा कि उनमें इन समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘यह आपका समय है और आपके लिए एक मौका है।”
उन्होंने कहा कि उन्हें इन विद्यार्थियों में देश का भविष्य स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
मोदी ने तमिल भाषा और संस्कृति की सराहना की तथा प्राचीन तमिल ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ को जीवन जीने का एक महान मार्गदर्शक ग्रंथ बताया। उन्होंने उस अविस्मरणीय अवसर को याद किया, जब उन्हें इस महान कृति को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भेंट करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हाल में, मैंने पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी संस्करण भेंट किया था। तिरुक्कुरल उन लोगों के लिए एक अनूठा मार्गदर्शक है, जो जीवनभर सीखते रहना चाहते हैं। तिरुवल्लुवर अपने एक प्रसिद्ध कुरल के माध्यम से हमें सिखाते हैं कि केवल कुछ नया सीखना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस सीख को अपने जीवन में व्यवहार में लाना भी आवश्यक है। यह सभी विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सीख है।’’
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि साथ ही, वैश्विक स्तर पर भारतीय शैक्षणिक संस्थानों की स्थिति भी मजबूत हो रही है।
मोदी ने कहा, ‘‘मेरी यात्राओं ने मुझे देश की विविधता को और करीब से समझने के अवसर दिए हैं। इन्हीं अनुभवों के माध्यम से तमिल भाषा और संस्कृति के प्रति मेरा प्रेम और बढ़ा है। इसलिए मैं आपको भारत को जानने और समझने के लिए प्रोत्साहित करता हूं। आप जहां भी जाएं, तमिल संस्कृति को अपने साथ लेकर जाएं। अपने मित्रों के साथ तमिल कविता, कहानियां और परंपराएं साझा करें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज दुनिया समाधान की तलाश में है और आपके पास वे समाधान देने की क्षमता है। मैं चाहता हूं कि हर युवा भारत द्वारा उपलब्ध कराए गए असीम अवसरों के व्यापक परिदृश्य में अपनी संभावनाओं को पहचाने। क्योंकि यह आपका समय है, यह आपके लिए एक अवसर है। मुझे पूरा विश्वास है कि यह सपना साकार होगा।’’
मोदी ने महान राष्ट्रकवि महाकवि भारती को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और समाज पर उनके स्थायी प्रभाव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि वाराणसी के लोग आज भी उनकी प्रेरणादायक रचना ‘अच्चमिल्लै’ (कोई भय नहीं) को स्नेहपूर्वक याद करते हैं। यह रचना आज भी लोगों को साहस और निडरता के साथ जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है।
खेलों की बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों (सीडब्ल्यूजी) की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि साथ ही, देश 2036 के ओलंपिक खेलों के आयोजन के अपने सपने को साकार करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।
भाषा
देवेंद्र दिलीप
दिलीप