Breaking News

एमएलसी चुनाव: मेरठ-बरेली में बीजेपी की जीत     |   भाजपा प्रत्याशी डॉ हरि सिंह ढिल्लों की बड़ी जीत, 17676 मतों से विजयी     |   इजरायल चुनाव: एग्जिट पोल में बेंजामिन नेतन्याहू को बहुमत नहीं     |   सूडान के दारफुर में बाजार पर ड्रोन हमला, 102 लोगों की मौत, सेना पर आरोप     |   बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन की चांदनी चौक इलाके में पदयात्रा आज     |  

तमिलनाडु: शव दफनाने को लेकर विवाद में दो दलितों को पैरों में गिरकर माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया

पेरुंदुरई (तमिलनाडु), 10 अक्टूबर (भाषा) इरोड जिले में पेरुंदुरई के पास पेरुमपल्ली गांव के एक कब्रिस्तान में एक व्यक्ति को दफनाने लेकर हुए विवाद के बाद दो दलितों को प्रभावशाली जाति के लोगों के पैरों में गिरकर माफी मांगने के लिए कथित तौर पर मजबूर किया गया। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।

इस घटना का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें दोनों व्यक्तियों को अन्य लोगों के पैरों में गिरने के लिए मजबूर करते हुए देखा जा सकता है।

उम्र संबंधी बीमारियों के कारण पांच अक्टूबर को 90 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसके बाद अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय के लोग उसके शव को दफनाने के लिए लेकर आए।

हालांकि, प्रभावशाली समुदाय के लोगों ने अंतिम संस्कार की प्रक्रिया रोक दी, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई।

पुलिस ने बताया कि तीखी बहस के दौरान प्रभावशाली समुदाय के लोगों ने दलित ग्रामीणों को कथित तौर पर धमकी दी कि उन्हें भविष्य में इलाके में रोजगार हासिल करने नहीं दिया जाएगा।

आर्थिक बहिष्कार की धमकी के कारण दो दलितों को प्रभावशाली जाति के ग्रामीणों के पैरों में गिरने के लिए मजबूर होना पड़ा।

इस घटना के बाद पेरुंदुरई के राजस्व निरीक्षक की शिकायत पर थिंगलूर पुलिस ने बृहस्पतिवार देर रात मामला दर्ज किया।

पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत मामला दर्ज किया है और जांच जारी है।

बाद में पुलिस सुरक्षा और राजस्व विभाग के अधिकारियों की निगरानी में शव को दफनाया गया।

सूत्रों ने बताया कि यह घटना इलाके में पहले से व्याप्त जातिगत भेदभाव का नतीजा लगती है।

भाषा जोहेब सिम्मी

सिम्मी