पटना, नौ अक्टूबर (भाषा) बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों में बगावत के सुर के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में शुक्रवार शाम हुई विधानमंडल दल की बैठक में चुनावी रणनीति पर चर्चा की गई।
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक अनंत कुमार सिंह हालांकि अपने बागी रुख पर कायम हैं।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) भी गठबंधन का हिस्सा है।
चौधरी ने बैठक के बाद सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘राजग एकजुट है।’’
उन्होंने बैठक में शामिल नेताओं की तस्वीरें भी साझा कीं।
मुख्यमंत्री आवास पर बैठक के बाद पत्रकारों ने मोकामा के विधायक अनंत सिंह से पूछा कि क्या वह जदयू उम्मीदवार के खिलाफ जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन जारी रखेंगे।
उन्होंने इस पर कहा, ‘‘हां, समर्थन करेंगे।’’
अनंत सिंह ने पटना स्नातक सीट से लगातार चौथी बार चुनाव लड़ रहे जदयू के विधान परिषद के मौजूदा सदस्य नीरज कुमार को हराने का संकल्प लिया है।
सिंह ने आरोप लगाया कि नीरज ने पिछले साल विधानसभा चुनाव में उनके खिलाफ प्रचार अभियान किया था।
जदयू विधायक दल के नेता एवं राज्य के मंत्री श्रवण कुमार ने अनंत सिंह के मुद्दे पर सीधा जवाब नहीं दिया।
उन्होंने हालांकि कहा कि राजग चुनाव एक टीम के रूप में लड़ेगा और गठबंधन के उम्मीदवारों के खिलाफ काम करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में ललन सिंह और जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा भी शामिल हुए।
जदयू पटना स्नातक, सारण शिक्षक, दरभंगा शिक्षक और तिरहुत स्नातक सीट पर चुनाव लड़ रही है।
दरभंगा शिक्षक सीट से पार्टी ने घनश्याम राय और तिरहुत स्नातक सीट से अपने प्रवक्ता अभिषेक झा को उम्मीदवार बनाया है। सारण शिक्षक सीट पर भी जदयू की मुश्किलें बढ़ी हैं।
जन सुराज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे आफाक अहमद रालोमो के मौजूदा विधान पार्षद हैं।
रालोमो के प्रदेश महासचिव राम पुकार सिन्हा ने भी इस सीट से नामांकन दाखिल किया है, जबकि जदयू के आनंद पुष्कर भी मैदान में हैं।
रालोमो की संस्थापक अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता को छोड़कर पार्टी के बाकी तीनों विधायकों ने सिन्हा का समर्थन किया है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को विधानमंडल का सदस्य नहीं होने के बावजूद मंत्री बनाए जाने से असंतोष बढ़ा है।
भाजपा ने पटना स्नातक, कोसी स्नातक और दरभंगा स्नातक सीट से क्रमशः नवल किशोर यादव, डॉ. एनके यादव और सर्वेश कुमार को फिर उम्मीदवार बनाया है।
तिरहुत शिक्षक सीट से नरेंद्र कुमार सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में भी सीट को लेकर खींचतान है।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने तिरहुत शिक्षक सीट छोड़कर बाकी सभी सीट पर उम्मीदवार उतारे हैं।
कांग्रेस चार सीट पर चुनाव लड़ रही है, जबकि भाकपा (माले) लिबरेशन और माकपा ने एक-एक उम्मीदवार उतारा है।
जन सुराज पार्टी सभी आठ सीट पर चुनाव लड़ रही है। आठ सीट के लिए कुल 164 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था।
इनमें से 12 के नामांकन जांच में रद्द हो गए और दो ने नाम वापस ले लिया।
दरभंगा स्नातक सीट पर सबसे अधिक 40, जबकि तिरहुत शिक्षक सीट पर सबसे कम 11 उम्मीदवार मैदान में हैं।
मतदान 23 अक्टूबर को और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
भाषा कैलाश जितेंद्र
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