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'दंड-सह-शुद्धीकरण' के नाम पर महिला के साथ यौन-हिंसा, घर में बेड़ियों में बांधकर रखा गया : पुलिस

सुरेंद्रनगर, नौ अक्टूबर (भाषा) गुजरात के सुरेंद्रनगर में एक व्यक्ति ने एक 'दंड-सह-शुद्धीकरण अनुष्ठान' के नाम पर अपनी पत्नी के सह-जीवन साथी को उसके साथ यौन हिंसा करने के लिए मजबूर किया। इतना ही नहीं, पूर्व में कई मौकों पर उसने उसे अन्य मर्दों के साथ भागने से रोकने के लिए घर पर बेड़ियों से जकड़कर रखा था। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

मामले की जांच कर रही सहायक पुलिस अधीक्षक वेदिका बिहानी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि 25 वर्षीय पीड़िता का विवाह 17 साल की उम्र में 45 वर्षीय पोपट सरवैया से हुआ था। वह तीन से चार बार अपने पति के एक रिश्तेदार के साथ भाग गई थी और उसके साथ कुछ समय रही भी थी।

बिहानी ने कहा, 'लेकिन उसका पति हर बार उसे ढूंढ निकालता, वापस लाता और घर में बेड़ियों में बांध देता था। पति की उम्र 45-46 वर्ष है, जो महिला से 20 साल बड़ा है। उस व्यक्ति की पहली पत्नी से हुए बच्चे पीड़िता की ही उम्र के हैं।'

पोपट सरवैया सहित 'दंड और शुद्धीकरण अनुष्ठान' के सिलसिले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ये सभी देवीपूजक समुदाय के हैं, जो एक विमुक्त जनजाति (ऐसी जनजातियां जिन्हें ब्रिटिश काल में अपराधी घोषित किया गया था और बाद में सूची से हटाया गया) है तथा पारंपरिक रूप से शिकार और व्यापार में लगी हुई है।

इस मामले में नवीनतम गिरफ्तारी महिला के सौतेले बेटे की हुई है, जिसने इंस्टाग्राम पर इस तथाकथित शुद्धीकरण प्रक्रिया का एक वीडियो साझा किया था। इसी वीडियो को देखकर पुलिस को महिला पर हो रहे अत्याचारों की जानकारी मिली।

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि जब कोई शादीशुदा महिला किसी अन्य पुरुष के साथ भाग जाती है, तो उनके समाज में ऐसा करने को एक 'सामान्य प्रथा' या रिवाज माना जाता है।

पुलिस अधीक्षक प्रेमसुख डेलू ने पहले बताया था, 'आरोपियों ने दावा किया कि महिला को उस पुरुष के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करना, जिसके साथ वह भागी थी, सामाजिक शुद्धीकरण की एक परंपरा है।'

पुलिस अधिकारी ने बताया, 'उसका पति उसे हमेशा बेड़ियों में रखता था। इस बार उसकी बेड़ियों में चार ताले लगे थे और वह उनमें से तीन तालों की चाबियां हासिल करने में सफल रही थी। जब वह भागने में सफल हुई, तब भी उसकी बेड़ियों पर एक ताला लगा हुआ था।'

बिहानी ने बताया कि महिला जिस पुरुष के साथ भागी थी, वह भी उसके पति के विस्तारित परिवार का ही हिस्सा है। वे सुरेंद्रनगर और पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर गए थे।

बिहानी ने कहा, 'किसी ने भी औपचारिक रूप से हमें इस बात की सूचना नहीं दी थी। किसी ने वीडियो देखने के बाद हमें सूचना दी और इसके बाद हमने महिला को छुड़ाया।'

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में दो महिलाएं और पीड़िता के पति के रिश्तेदार शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, चार अक्टूबर को आरोपियों ने महिला और उसके साथ रहने वाले पुरुष पर लाठियों से हमला किया तथा उन्हें लात-घूंसों से पीटा। उन्होंने महिला को एक कंटीले बबूल के पेड़ से रस्सी से बांध दिया और पुरुष को महिला के साथ यौन कृत्य करने के लिए मजबूर किया। आरोपियों ने पुरुष को महिला का पेशाब पीने के लिए भी विवश किया, इसका वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया।

भाषा सुमित नरेश दिलीप

दिलीप