नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर (भाषा) खालिस्तान-समर्थक एक समूह द्वारा कनाडा के एडमंटन में इस महीने तथाकथित 'खालिस्तान जनमत संग्रह' आयोजित किए जाने की खबरों के बीच, विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को ऐसी बातों पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि वह ‘‘भारत-विरोधी सभी गतिविधियों’’ की कड़ी निंदा करता है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह बात कही। हालांकि, उन्होंने किसी देश या संगठन का नाम नहीं लिया।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया खबरों के अनुसार, कनाडा के अल्बर्टा प्रांत में 19 अक्टूबर को इस बात के लिए मतदान होना है कि क्या प्रांत को कनाडा में बने रहना चाहिए या भविष्य में अलग होने के लिए जनमत संग्रह की ओर बढ़ना चाहिए।
प्रेस वार्ता के दौरान, एक पत्रकार ने उन खबरों का जिक्र किया जिनमें दावा किया गया था कि 18 अक्टूबर को खालिस्तान-समर्थक एक समूह अल्बर्टा की राजधानी एडमंटन में पंजाब पर तथाकथित ‘‘खालिस्तान जनमत संग्रह’’ कराने की योजना बना रहा है।
जायसवाल से पूछा गया कि कनाडा की धरती पर ‘‘भारत-विरोधी एजेंडे’’ को देश किस नजरिए से देखता है, और क्या भारत ने कनाडा के साथ यह मुद्दा उठाया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘दुनिया के कुछ हिस्सों में हो रही घटनाओं के बारे में एक सवाल पूछा गया। उस पर, मैं यह कह सकता हूं कि हम भारत-विरोधी सभी गतिविधियों की कड़ी निंदा करते हैं।’’
खबरों के अनुसार, खालिस्तान-समर्थक समूह ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ ने 19 अक्टूबर के मतदान और उससे एक दिन पहले एडमोंटन में होने वाले तथाकथित ‘खालिस्तान जनमत संग्रह’ के बीच समानता दिखाने के लिए तस्वीरों का इस्तेमाल किया है। संगठन ने पहले भी कनाडा में ऐसी कोशिशें की हैं।
भारत ने पहले भी कनाडा से उस देश में मौजूद व्यक्तियों और समूहों द्वारा भारत-विरोधी गतिविधियों को रोकने के लिए कहा है।
भाषा अविनाश नरेश माधव
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