नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव राज्य के कानूनों के अनुसार होने चाहिए और यदि पंचायत एवं शहरी निकायों के चुनाव 16 अक्टूबर को निर्धारित मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद घोषित किए जाते हैं, तो उनमें संशोधित अंतिम मतदाता सूची का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि यदि पंचायत और शहरी निकायों के चुनाव एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले घोषित किए जाते हैं, तो ऐसे चुनाव में पुरानी मतदाता सूचियों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) की याचिका का निपटारा करते हुए ये निर्देश दिए। पार्टी ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें राज्य में आगामी स्थानीय निकाय चुनाव के लिए संशोधित मतदाता सूचियों के इस्तेमाल का निर्देश देने से इनकार कर दिया गया था।
वकील महफूज अहसान नाजकी के माध्यम से दायर याचिका में वाईएसआरसीपी ने कहा था कि चुनाव भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद तैयार की गई अंतिम मतदाता सूचियों के आधार पर कराए जाने चाहिए।
वाईएसआरसीपी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सी. ए. सुंदरम ने कहा कि उच्च न्यायालय ने उन्हें छह सप्ताह के भीतर शहरी निकाय और पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी करने को कहा था। उन्होंने कहा कि आशंका थी कि एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले ही चुनाव की अधिसूचना जारी की जा सकती है।
याचिका में वाईएसआरसीपी ने आंध्र प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) को निर्देश देने का अनुरोध किया था कि वह एसआईआर पूरा होने के बाद जारी की गई अंतिम विधानसभा मतदाता सूची के आधार पर शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकाय के लिए वार्ड वार मतदाता सूचियां तैयार करके उन्हें प्रकाशित करे।
यह याचिका उच्च न्यायालय के एक अक्टूबर के फैसले के खिलाफ दायर की गई थी। उच्च न्यायालय ने एसईसी के उस निर्णय में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था, जिसके तहत स्थानीय निकाय की मतदाता सूचियां तैयार करने के लिए एक जनवरी, 2026 को अर्हता तिथि माना गया था।
उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार और एसईसी को चुनाव प्रक्रिया जल्द शुरू करने का निर्देश भी दिया था और कहा था कि बेहतर होगा कि यह प्रक्रिया छह सप्ताह के भीतर शुरू कर दी जाए।
भाषा अमित नरेश
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