मुंबई, नौ अक्टूबर (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेताओं ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह ‘जेन जी’ से डरी हुई है और उसने आपातकाल जैसे हालात पैदा कर दिए हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले अधिकारियों ने परिवहन सेवाओं को बंद करने के आदेश दिए हैं और राष्ट्रीय राजधानी को किले में तब्दील कर दिया है।
कॉजपा शनिवार को जंतर-मंतर पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही है। पार्टी निर्वाचन आयोग की मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है।
सरकार के एहतियाती कदमों की आलोचना करते हुए कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लोगों की आवाजाही सीमित करने को लेकर केंद्र सरकार की निंदा की।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ‘जेन जी’ से डरी हुई है।
बेंगलुरु से लौटने के बाद मुंबई हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बात करते हुए दीपके ने कहा कि कॉजपा के कार्यकर्ता शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की योजना पर आगे बढ़ेंगे।
दीपके ने कहा, “अगर आप युवाओं से इतना डरते हैं, तो पूरे देश को बंद कर दीजिए।”
उन्होंने बताया कि 10 अक्टूबर को सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे के बीच नयी दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर पहुंचने वाली मेल और एक्सप्रेस समेत 38 ट्रेन रद्द कर दी गई हैं। ये ट्रेन दूसरे राज्यों के विभिन्न स्टेशनों से चलती हैं। हालांकि, दिल्ली के अन्य रेलवे स्टेशनों पर ट्रेन सेवाएं सामान्य रहेंगी।
प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के राजीव चौक, नयी दिल्ली, केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक और कश्मीरी गेट समेत 57 स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार शुक्रवार रात नौ बजे से अगले आदेश तक बंद रहेंगे।
दीपके ने शाम को मुंबई में एक कार्यक्रम में कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ‘जेन जी’ से डरी हुई है। उन्होंने सरकार को उन्हें गिरफ्तार करने की चुनौती भी दी।
उन्होंने कहा, “सरकार के इस कदम पर मुझे हंसी आती है। दिल्ली नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की निजी संपत्ति नहीं है। एक तरफ आप कहते हैं कि प्रदर्शनों से लोगों को असुविधा होती है। दूसरी तरफ आपने मेट्रो स्टेशन, रेलवे बंद कर दिए और सड़कें रोक दीं। क्या इससे लोगों को असुविधा नहीं होगी?”
दीपके ने सवाल किया कि सुरक्षा बलों को कश्मीर और नक्सल प्रभावित इलाकों से दिल्ली क्यों लाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “सरकार युवाओं के साथ पाकिस्तानियों जैसा व्यवहार क्यों कर रही है?”
उन्होंने कहा कि यदि देश के सामने मौजूद समस्याओं का समाधान उनकी गिरफ्तारी है, तो सरकार उन्हें जेल में डाल दे।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार पर निशाना साधते हुए दीपके ने कहा कि उन्होंने जो किया है, उसके लिए उन्हें सजा मिलनी चाहिए और एसआईआर को रद्द किया जाना चाहिए।
कॉजपा नेता सौरव दास ने देश के हालात की तुलना आपातकाल से करते हुए दावा किया कि भाजपा शासित राज्यों में पार्टी के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा रहा है और कुछ को उनके घरों में नजरबंद कर दिया गया है।
दास ने संवाददाताओं से कहा, “किसी भ्रम में न रहें। देश में आपातकाल लगा दिया गया है और दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया गया है।”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आपातकाल के दौरान भी ट्रेन सेवाएं बंद नहीं की गई थीं।
दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने का जिक्र करते हुए दास ने कहा कि यह बेतुका है कि प्रदर्शन करने के लिए सरकार से अनुमति लेनी पड़ती है।
कॉजपा नेता आशुतोष रांका ने कहा कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल है। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग अब दूसरा मुद्दा बन गई है और प्रदर्शन की अनुमति नहीं देना मुख्य मुद्दा बन गया है।
उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्र और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि कॉजपा के प्रदर्शन के कारण दिल्ली मेट्रो और राजधानी आने वाली ट्रेन सेवाओं की आवाजाही पूरी तरह बंद नहीं होनी चाहिए। अदालत ने कहा कि वे सभी सेवाओं को ठप नहीं कर सकते।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने केंद्र से सेवाओं को नियंत्रित तरीके से जारी रखने को कहा।
भाषा रंजन नरेश
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