नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर (भाषा) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) 12 अक्टूबर को यहां विज्ञान भवन में एक कार्यक्रम के साथ अपनी 33वीं वर्षगांठ मनाएगा और प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत मुख्य अतिथि होंगे। आयोग ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
आयोग ने बताया कि पिछले 33 वर्षों में एनएचआरसी ने 24 लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया है, जिनमें स्वतः संज्ञान लेकर दर्ज किए गए 3,100 मामले भी शामिल हैं।
आयोग ने एक बयान में कहा कि उसने मानवाधिकारों के उल्लंघन के पीड़ितों को 9,085 मामलों में 274 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता देने की सिफारिश की है।
आयोग ने बताया कि 12 अक्टूबर 1993 को एनएचआरसी की स्थापना के बाद से अब तक कुल 24,33,716 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें एक अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर तक की अवधि के दौरान दर्ज 54,673 शिकायतें और स्वतः संज्ञान के 119 मामले शामिल हैं।
बयान में कहा गया कि एनएचआरसी 12 अक्टूबर को विज्ञान भवन में अपना स्थापना दिवस मनाने के लिए एक समारोह आयोजित कर रहा है।
बयान में कहा गया कि प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत मुख्य अतिथि के रूप में समारोह को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर एनएचआरसी के अध्यक्ष (सेवानिवृत्त) न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमण्यम, आयोग के सदस्य (सेवानिवृत्त) न्यायमूर्ति बिद्युत रंजन सारंगी भी मौजूद रहेंगे।
भाषा आशीष माधव
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