नयी दिल्ली नौ अक्टूबर (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नयी दिल्ली जिले को 20 ज़ोन में विभाजित किया गया है। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की कड़ाई से निगरानी सुनिश्चित की जाएगी और इसके लिए सभी 20 में से हर जोन की निगरानी का जिम्मा एक संयुक्त पुलिस आयुक्त, एक पुलिस उपायुक्त और एक अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त को दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विभिन्न इकाइयों का नेतृत्व करने वाले विशेष पुलिस आयुक्त भी ज़ोन की बारीकी से निगरानी करेंगे और कानून-व्यवस्था की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यकता पड़ने पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समन्वय करेंगे।
सूत्रों ने कहा कि सुरक्षा उपायों के तहत नयी दिल्ली, मध्य दिल्ली और उत्तर दिल्ली जिलों के महत्वपूर्ण स्थानों पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे पहले ही लगाए जा चुके हैं।
प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में हुई वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक में इन व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।
सूत्रों ने कहा कि बैठक में कानून-व्यवस्था की उभरती स्थिति का आकलन करने और तैनात पुलिस इकाइयों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
विरोध प्रदर्शन के आह्वान ने राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा तैयारियों को बढ़ा दिया है, और पुलिस कानून-व्यवस्था के किसी भी उल्लंघन को रोकने के लिए व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रही है।
सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को यह भी बताया कि तड़के चार बजे, छह बजे और सात बजे अतिरिक्त समीक्षा बैठकें भी की जाएंगी।
हालांकि पुलिस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉजपा को प्रदर्शन की अनुमति देने से शुक्रवार को इनकार करते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं जिसके तहत 25 हजार सुरक्षा कर्मियों को तैनात करने के साथ-साथ 57 मेट्रो स्टेशन बंद करना, सीमावर्ती स्थलों, बस टर्मिनल, होटलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर जांच करना शामिल है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आड़ में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी करने और मतदाता पंजीकरण के दस्तावेज ‘फॉर्म 6’ में बदलाव के लिए दो सहयोगी निर्वाचन आयुक्तों की आपत्ति को दरकिनार करने के आरोप लग रहे हैं।
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नोमान नरेश
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