लातेहार, नौ अक्टूबर (भाषा) झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को एक आदिवासी महिला के उन आरोपों की जांच के आदेश दिए जिनमें कहा गया है कि लातेहार के पुलिसकर्मियों ने अफीम के व्यापार और पोस्ता की खेती में शामिल होने के शक में उससे पूछताछ के दौरान उसके साथ मारपीट और बदसलूकी की।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हेरंज ब्लॉक की सलैया पंचायत के मेलम टोला मलहन की रहने वाली पुनिया देवी ने बरियातू पुलिस थाने के प्रभारी प्रभात कुमार दास और अन्य पुलिसकर्मियों पर मारपीट और बदसलूकी का आरोप लगाया है।
अधिकारी ने बताया कि महिला का आरोप है कि पांच अक्टूबर को जब वह बगनाही महुआ के पास बकरियां चरा रही थी, तो दास और अन्य पुलिसकर्मी उसे अफीम के व्यापार और पोस्ता की खेती में शामिल होने के शक में पुलिस थाने ले गए।
उसने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसके पैर बांध दिए, उसे उल्टा लटका दिया और डंडों से पीटा, और फिर छह अक्टूबर की रात को उसे छोड़ दिया।
अधिकारी ने बताया कि महिला ने यह भी दावा किया कि अधिकारियों ने उस पर पोस्ता की खेती में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए बयान रिकॉर्ड कराने का दबाव डाला।
शुक्रवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सोरेन ने लातेहार पुलिस से इन आरोपों पर तुरंत संज्ञान लेने, जांच करने और उचित कार्रवाई के बाद रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
भाषा संतोष दिलीप
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