छत्रपति संभाजीनगर, नौ अक्टूबर (भाषा) केंद्र की एक टीम ने सूखे के कारण फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर और बीड जिलों का दौरा किया। टीम ने बर्बाद हुई फसलों का निरीक्षण किया और परेशान किसानों से बातचीत की जो प्रति एकड़ 60,000 रुपये का तत्काल मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव मुक्तानंद अग्रवाल के नेतृत्व में टीम ने डेमनी गांव के किसान विलास शिंदे के खेत का निरीक्षण किया।
लंबे समय तक बारिश नहीं होने के कारण एक हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में लगी उनकी सोयाबीन की फसल नष्ट हो गई है।
प्रतिनिधिमंडल में महालनोबिस राष्ट्रीय फसल पूर्वानुमान केंद्र के उपनिदेशक सुनील कुमार, नीति आयोग के सलाहकार डॉ. जसपाल सिंह, पशुपालन एवं डेयरी विभाग की डॉ. साक्षी भदौरिया, महाराष्ट्र के कृषि सचिव परिमल सिंह और जिलाधिकारी विनय गौड़ा जी सी शामिल थे।
जिलाधिकारी गौड़ा ने पत्रकारों से कहा, ‘‘टीम कल रात यहां पहुंची। उसने संभागीय आयुक्त और स्थानीय अधिकारियों के साथ बातचीत की और खेतों का निरीक्षण शुरू किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगले तीन से चार दिनों तक विभिन्न स्थानों का दौरा जारी रहेगा। इसके बाद टीम अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।’’
भाषा
संतोष नरेश
नरेश