लखनऊ, नौ अक्टूबर (भाषा) उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीट के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आठ और समाजवादी पार्टी (सपा) के दो उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। निर्वाचन अधिकारी अजीत वर्मा ने शुक्रवार को परिणामों की जानकारी दी।
निर्विरोध निर्वाचित भाजपा उम्मीदवारों में धर्मपाल सिंह, विद्यासागर सोनकर, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, प्रियंका सिंह रावत, गोपीकृष्ण पांडेय, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं।
वहीं, सपा के प्रोफेसर राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी भी निर्विरोध चुने गए।
वर्मा ने बताया कि धनराज परिमल नाथवानी को छोड़कर बाकी सभी निर्वाचित उम्मीदवारों ने अपने निर्वाचन प्रमाणपत्र प्राप्त कर लिए हैं।
उन्होंने बताया, “सपा के रामगोपाल यादव और भाजपा के राधाकांत ओझा ने अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रमाणपत्र लिया।”
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्यसभा के लिए चुने गए अपने आठ नेताओं में दो महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया है।
पार्टी ने अति पिछड़ी जातियों से तीन, अनुसूचित जाति (दलित) से दो, ब्राह्मण समुदाय से दो और एक क्षत्रिय समुदाय के नेता को मौका दिया है।
निर्वाचित सांसद धर्मपाल सिंह उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हैं और बरेली जिले की आंवला विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं।
वह लोध समाज से आते हैं।
इसी बिरादरी के बीएल वर्मा केंद्र सरकार में राज्य मंत्री हैं, जिनका कार्यकाल समाप्त होने वाला है।
उन्हें दोबारा राज्यसभा का मौका नहीं मिलने से उनके केंद्रीय मंत्रिमंडल में बने रहने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।
लोध बिरादरी का प्रदेश में जनाधार माना जाता है।
इसी समुदाय के दिवंगत कल्याण सिंह के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पहली बार भाजपा की सरकार बनी थी।
धर्मपाल सिंह ने शुक्रवार को अपनी उपलब्धि कल्याण सिंह को समर्पित की। निर्वाचन प्रमाणपत्र मिलने के बाद उन्होंने नगर निगम स्थित झंडी पार्क में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की प्रतिमा पर प्रमाणपत्र समर्पित किया।
उन्होंने इससे पहले हजरतगंज में वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
भाजपा के उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग मोर्चा के अध्यक्ष प्रकाश पाल भी अति पिछड़े गड़रिया और धनगर समाज से आते हैं।
पार्टी ने इस समुदाय को प्रतिनिधित्व दिया है, जबकि समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल और बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल भी इसी समाज से हैं।
भाजपा ने झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की बेटी श्रुति गंगवार को मौका देकर महिला प्रतिनिधित्व के साथ कुर्मी समुदाय को भी जगह दी है।
भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सहयोगी अपना दल (एस) की प्रमुख एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल भी कुर्मी समाज से आती हैं।
दलित नेताओं में भाजपा ने अपने पुराने कार्यकर्ता विद्यासागर सोनकर को राज्यसभा भेजा है।
सोनकर ने पार्षद के रूप में अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था।
वह विधान परिषद के सदस्य और परिसीमन से पहले सैदपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भी रह चुके हैं।
भाजपा ने क्षत्रिय समुदाय के राम प्रताप सिंह चौहान, ब्राह्मण समुदाय के राधाकांत ओझा और गोपीकृष्ण पांडेय कानपुर को राज्यसभा भेजा है।
भाजपा के अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा, सीमा द्विवेदी और हरदीप सिंह पुरी का राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है।
अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह का उपराज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद डॉ. दिनेश शर्मा ने पिछले महीने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था।
सपा के राम गोपाल यादव और बसपा के रामजी गौतम का कार्यकाल भी 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है।
भाषा आनन्द जितेंद्र
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