देहरादून, नौ अक्टूबर (भाषा) उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के जसपुर में कांग्रेस आलाकमान की हिदायत के बावजूद विशाल ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ निकालने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शुक्रवार को पार्टी महासचिव और प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा।
रावत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में मुलाकात की जानकारी देते हुए कहा, “बहुत सारे मामलों में उनसे (कुमारी सैलजा से) बातचीत हुई। हम सबका एक ही उद्देश्य है कि पार्टी मजबूत हो और 2027 में हम राज्य में परिवर्तन ला सकें।”
उन्होंने कहा कि यह बात पूरी तरह स्पष्ट है कि राज्य और यहां के लोगों के सामने समय-समय पर जो चुनौतियां आएंगी, उनके समाधान के लिए वह आवाज उठाते रहेंगे।
रावत ने सहयोग और समर्थन के लिए लोगों का आभार जताया तथा उम्मीद जताई कि भविष्य में भी उन्हें ऐसा ही समर्थन मिलता रहेगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लोकतंत्र बचाने की बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं और हर व्यक्ति को उस लड़ाई के संदेश से जोड़ना जरूरी है।
रावत ने कहा, “मैं उम्मीद करता हूं कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए राज्य में पार्टी मेरी सेवाओं का उपयोग करेगी।”
इससे पहले सैलजा द्वारा पार्टी नेताओं को ‘समानांतर कार्यक्रम’ आयोजित नहीं करने की हिदायत के बावजूद रावत ने पांच अक्टूबर को जसपुर में विशाल यात्रा निकाली थी।
इसमें कांग्रेस की प्रदेश इकाई के चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष और चकराता से विधायक प्रीतम सिंह समेत कई विधायक व कार्यकर्ता शामिल हुए थे।
रावत ने बाद में कहा था कि उन्हें केंद्रीय नेतृत्व की नाराजगी के बारे में पता चला है और वह अपना पक्ष रखने के लिए सात अक्टूबर को सैलजा से मिलेंगे हालांकि, उस दिन मुलाकात नहीं हो सकी।
उन्होंने इसके बाद आने वाले दिनों में प्रस्तावित अपनी नौ यात्राएं स्थगित करने की घोषणा की थी।
भाषा दीप्ति जितेंद्र
जितेंद्र