ठाणे, नौ अक्टूबर (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले में हुई 10 वर्षीय छात्र की मौत के मामले में एक आदिवासी अधिकार संगठन ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को शुक्रवार को पत्र लिखकर सरकारी आश्रम विद्यालय और चिकित्सा अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की।
खार्डी के वांगनपाड़ा निवासी और शाहपुर के पिसे स्थित सरकारी आश्रम शाला में पांचवीं कक्षा के छात्र विवेक सुभाष भोये की शुक्रवार सुबह मौत हो गई।
आदिवासी विकास समीक्षा समिति के अध्यक्ष और श्रमजीवी संगठन के संस्थापक विवेक पंडित ने मुख्यमंत्री को भेजे अपने पत्र में दावा किया कि विवेक को तेज बुखार, ठंड लगने, उल्टी आने और कम रक्तचाप की शिकायत के बाद छह अक्टूबर को और फिर आठ अक्टूबर को दो बार पडघा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था।
उन्होंने पत्र में आरोप लगाया, 'बच्चों के विशेष इलाज के लिए भिवंडी के इंदिरा गांधी मेमोरियल अस्पताल या शाहपुर के उप-जिला अस्पताल में तुरंत स्थानांतरित करने की सिफारिश के बावजूद, आश्रम शाला के प्रधानाध्यापक और अधीक्षक ने समय पर ऐसा नहीं किया।'
पंडित ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी के साथ-साथ पिसे के सरकारी आश्रम शाला के प्रधानाध्यापक और अधीक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत लापरवाही से हुई मौत का मामला दर्ज करने की मांग की है।
भाषा सुमित नरेश
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