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सरकार एक महीने में महत्वपूर्ण खनिजों की भंडारण नीति को दे सकती अंतिम रूप

नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर (भाषा) सरकार महत्वपूर्ण खनिजों के भंडारण की नीति की घोषणा करीब एक महीने में कर सकती है। एक सरकारी अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

इस कदम का उद्देश्य रक्षा, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स और वैमानिकी समेत रणनीतिक क्षेत्रों की वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण खनिजों का भंडार बनाए रखना है।

खान सचिव केशव चंद्र ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम महत्वपूर्ण खनिजों के भंडारण की नीति को अंतिम रूप देने के करीब हैं। इसे लगभग एक महीने में घोषित किया जाएगा।’’

उन्होंने उद्योग मंडल ‘एसोचैम’ द्वारा आयोजित ‘इंडिया माइंस एंड मिनरल्स कॉन्क्लेव 2026’ से इतर यह बात कही।

अधिकारी ने बताया कि सरकार बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाली प्रमुख सामग्रियों के मूल्यवर्धन में तेजी लाने के लिए गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में चार समर्पित महत्वपूर्ण खनिज प्रसंस्करण पार्क स्थापित करने पर भी काम कर रही है।

सरकार रक्षा, कृषि, ऊर्जा, औषधि, दूरसंचार और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 30 से अधिक महत्वपूर्ण खनिजों की सूची पहले ही जारी कर चुकी है।

तांबा, लिथियम, निकल, कोबाल्ट और दुर्लभ तत्व जैसे महत्वपूर्ण खनिज स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए आवश्यक कच्चे माल हैं। इनका इस्तेमाल पवन टर्बाइन, बिजली नेटवर्क, इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरी विनिर्माण में भी बढ़ रहा है।

इससे पहले सम्मेलन को संबोधित करते हुए खान सचिव ने नीतिगत सुधारों के जरिये इस क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख किया।

उन्होंने खनिजों की खोज में तेजी लाने, महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में देश की क्षमता मजबूत करने, पुनर्चक्रण और खनिजों के लाभकारी प्रसंस्करण को बढ़ावा देने तथा आधुनिक खनन पद्धतियां अपनाने की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें उपलब्ध सूचनाओं के विशाल भंडार का इस्तेमाल करने के लिए नए तरीके तलाशने होंगे। जिन देशों ने उल्लेखनीय प्रगति की है, उन्होंने अपने संसाधनों का इस्तेमाल करने के साथ नई प्रौद्योगिकी अपनाई है और संसाधनों को पूरी तरह नए नजरिये से देखा है।’’

राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन के संयुक्त सचिव एवं मिशन प्रमुख कदम संदीप वसंत ने इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा, अंतरिक्ष अनुसंधान और परमाणु ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों की जरूरतें पूरी करने के लिए भारत में महत्वपूर्ण खनिजों का आत्मनिर्भर और मजबूत तंत्र विकसित करने के महत्व को रेखांकित किया।

उन्होंने महत्वपूर्ण खनिजों के पुनर्चक्रण के लिए 1,500 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना का भी उल्लेख किया।

भाषा योगेश रमण

रमण