नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर (भाषा) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने अपनी आंतरिक समिति द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच किए जाने के बाद शुक्रवार को प्रोफेसर एवं कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को सेवा से बर्खास्त कर दिया।
इनर मणिपुर से कांग्रेस सांसद अकोइजम की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया कि विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच की और इसके नतीजों के आधार पर कड़ी सजा की सिफारिश की।
कुलपति शांतिश्री डी. पंडित के हस्ताक्षर वाले आदेश में कहा गया, ‘‘उचित प्रक्रिया का पालन करने, सभी उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने और आंतरिक समिति की रिपोर्ट के आधार पर, विश्वविद्यालय की सेवा से बर्खास्तगी की सजा दी जाती है।’’
अकोइजम जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के अंतर्गत ‘सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स’ में प्रोफेसर हैं।
खबरों के मुताबिक, इस साल मई में कम से कम 11 छात्राओं ने प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराईं थीं।
शिकायतों में आरोप लगाया गया कि अकोइजम ने बैठक के बहाने छात्राओं को परिसर स्थित अपने घर बुलाया और उनका यौन उत्पीड़न करने की कोशिश की। कुछ छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि वह कक्षा में अश्लील और अनुचित बातें करते थे।
खबरों के मुताबिक, इस मामले ने परिसर में चिंता पैदा कर दी है और अन्य वरिष्ठ छात्राएं भी इसी तरह के आरोप लेकर सामने आ रही हैं।
भाषा
नेत्रपाल नरेश
नरेश