नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर (भाषा) विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वीडियो गेम खेलने, ओटीटी सामग्री देखने और ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल होने जैसी गतिविधियों के कारण लंबे समय तक बैठे रहने से युवाओं के पैरों में खून के थक्के बनने का खतरा बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों ने निष्क्रिय जीवनशैली और ‘वेन थ्रोम्बोएम्बोलिज्म’ (वीटीई) के बढ़ते जोखिम के बीच संबंध दर्शाने वाले साक्ष्यों का हवाला देते हुए कहा कि लगातार लंबे समय तक बैठे रहने से पैरों में रक्त का प्रवाह धीमा हो सकता है, जिससे ‘डीप वेन थ्रोम्बोसिस’ (डीवीटी) का खतरा बढ़ जाता है।
डीवीटी में शरीर की गहरी नसों, यानी मांसपेशियों के भीतर स्थित नसों में खून का थक्का बन जाता है। यदि यह थक्का फेफड़ों तक पहुंच जाए, तो यह जानलेवा हो सकता है।
यह चेतावनी यहां एयरोसिटी स्थित पुलमैन और नोवोटेल में आठ से 10 अक्टूबर तक आयोजित ‘वीएसआई-एएसवीएस 2026’ सम्मेलन में दी गई।
सम्मेलन में भारत और विदेशों के 400 से अधिक विशेषज्ञ तथा 1,000 से ज्यादा प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इसमें रक्त वाहिकाओं और एंडोवैस्कुलर सर्जरी के क्षेत्र में हुई प्रगति तथा उभरती चुनौतियों पर चर्चा की जा रही है।
भाषा संतोष रंजन
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