तिरुवनंतपुरम, नौ अक्टूबर (भाषा) मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) की ओर से यहां लोक भवन तक निकाला गया विरोध मार्च शुक्रवार को तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने कई बार पानी की बौछारें कीं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि वामपंथी संगठनों के 200 से अधिक कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर सीईसी के इस्तीफे की मांग करते हुए राज्यपाल के आधिकारिक आवास लोक भवन की ओर मार्च निकाला।
अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान हंगामे की आशंका को देखते हुए पुलिस ने लोक भवन से काफी पहले ही बैरिकेड लगा दिए थे। साथ ही, पानी की बौछार करने वाले वाहन और दंगा नियंत्रण दल तैनात किए गए थे।
प्रदर्शनकारियों ने जब बैरिकेड पर चढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें कीं।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जब मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता एम वी जयराजन उन्हें संबोधित करने के लिए मौके पर पहुंचे, तब भी पुलिस ने पानी की बौछारें कीं।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए डीवाईएफआई के प्रदेश सचिव एम विजिन ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण होने और जयराजन के मौके पर मौजूद रहने के बावजूद पुलिस ने अनावश्यक रूप से पानी की बौछारें कीं।
विजिन ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री वी डी सतीशन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से राज्य का शासन चला रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले दिनों में पूरे राज्य में इसी तरह के प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
भाषा आशीष दिलीप
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