बरेली, नौ अक्टूबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के बरेली जिले की एक अदालत ने ग्राम प्रधान चुनाव में आपसी रंजिश को लेकर एक किसान की हत्या के 10 साल पुराने मामले में पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अदालत ने दोषियों पर कुल 1.55 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) रीत राम राजपूत ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को मामले में फैसला सुनाते हुए जमील अहमद खां उर्फ गुड्डू, हिरोज खां, रहमत खां, ताहिर खां और नबी राजा खां को दोषी करार दिया।
अदालत ने जुर्माने में से एक लाख रुपये पीड़ित पक्ष को देने का आदेश भी दिया।
राजपूत ने बताया कि शेरगढ़ थाना क्षेत्र के निर्गुआ गौंटिया गांव में 13 मार्च 2016 को चुनावी रंजिश में किसान फत्ते खां की हत्या कर दी गई थी।
मुकदमे के अनुसार, फत्ते खां अपने भाई माले खां और अन्य परिजनों के साथ खेत में काम कर रहा था, तभी पांचों आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि उन्होंने फत्ते खां को लाठी-डंडों से पीटने के बाद खेत से बाहर खींच लिया और गमछे से गला घोंटकर कर उसकी हत्या कर दी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, इसके बाद शव झाड़ियों में छिपा दिया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटे जाने, गर्दन पर चोट के निशान और गले की हड्डी टूटने की पुष्टि हुई थी।
पुलिस ने जांच पूरी कर पांचों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, फत्ते खां की मां खातून बेगम वर्ष 2016 में ग्राम प्रधान का चुनाव हार गई थीं। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच रंजिश बढ़ गई थी।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि इसी विवाद के दौरान पहले भी दो हत्याएं हो चुकी थीं और बाद में फत्ते खां की हत्या कर दी गई।
भाषा सं आनन्द जितेंद्र
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