पेरिस, नौ अक्टूबर (एपी) अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना कर रहे बच्चों को निशाना बनाने वाले अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क में कथित संलिप्तता के मामले में 29 वर्षीय भारतीय युवक के खिलाफ पेरिस की अदालत शुक्रवार को फैसला सुनाएगी।
मामले के दस्तावेजों के अनुसार, बच्चों को ऑनलाइन मंच डिस्कॉर्ड के जरिये सीवीएलटी नामक समूह में शामिल किया जाता था और उन्हें हिंसक तथा यौन सामग्री वाले वीडियो बनाने के लिए मजबूर किया जाता था।
मामले से संबधित समूह के कम से कम तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुणे के रहने वाले रोहन राणे पर नाबालिगों को प्रताड़ित करने, जबरन वसूली और बाल यौन शोषण संबंधी तस्वीरें वितरित करने समेत कई आरोप हैं। दोषी पाए जाने पर उसे फ्रांस में 20 साल तक की जेल हो सकती है।
अमेरिकी अधिकारियों से मिली सूचना के बाद राणे को 2021 में दक्षिणी फ्रांस के एंटिब शहर में गिरफ्तार किया गया था। वह उस समय फ्रांस में पढ़ाई कर रहा था।
अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, उसके कंप्यूटर और फोन में ऐसे वीडियो मिले, जिनमें नाबालिगों को उसके निर्देश पर खुद को नुकसान पहुंचाते दिखाया गया था।
मामले में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं के कारण सुनवाई बंद कमरे में हुई।
एपी राखी अविनाश
अविनाश