जम्मू, नौ अक्टूबर (भाषा) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कंपनियों से केंद्रशासित प्रदेश में वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) स्थापित करने का आग्रह किया।
अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की छवि से जुड़ी चुनौतियां पिछले तीन दशकों की विरासत हैं और सरकार आर्थिक विकास तथा निवेश के जरिये इस धारणा को बदलने का प्रयास कर रही है।
अब्दुल्ला जम्मू स्थित भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) की ओर से जम्मू-कश्मीर सरकार के सहयोग से आयोजित दो-दिवसीय ‘जम्मू-कश्मीर वैश्विक क्षमता केंद्र शिखर सम्मेलन 2026’ को ऑनलाइन संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में आईटी निकाय नैसकॉम भी साझेदार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की छवि अतीत की घटनाओं से प्रभावित रही है, लेकिन निवेशकों को मौजूदा हालात और क्षेत्र की आर्थिक क्षमता को भी ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर जीसीसी क्षेत्र में देर से प्रवेश करने का लाभ उठा सकता है और दूसरे क्षेत्रों के अनुभवों से सीख सकता है।
अब्दुल्ला ने रेलवे नेटवर्क के विकास का उदाहरण देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर इस मामले में पीछे रहा, लेकिन अब यहां वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘देर से शुरुआत करना निराशाजनक है, लेकिन यह हमेशा नुकसानदेह नहीं होता। हम दूसरों के अनुभवों से सीख सकते हैं। हमें नए सिरे से सब कुछ करने की जरूरत नहीं है। हमें बस उपलब्ध साधनों का बेहतर इस्तेमाल करना है।’’
उन्होंने कहा कि वह जीसीसी सम्मेलन की सफलता को इस आधार पर नहीं आंकेंगे कि अचानक 100 केंद्र स्थापित हो जाएं। अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘हम एक केंद्र स्थापित होने से भी खुश होंगे। एक से पांच, पांच से 10 केंद्र होंगे और फिर यह सिलसिला आगे बढ़ेगा।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर चाहता है कि निवेशक क्षेत्र के कठिन अतीत को लेकर सहानुभूति के बजाय उसकी आर्थिक क्षमता और कारोबार में प्रतिस्पर्धा करने की योग्यता को देखते हुए यहां निवेश करें।
भाषा योगेश प्रेम
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