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उत्तर प्रदेश में एसआईआर के जरिए ‘वोट डकैती’ कर रही भाजपा: कांग्रेस

नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस शुक्रवार को आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए ‘वोट डकैती’ की जा रही है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जोड़ी राज्य में अपनी संभावित हार के डर से ‘वोट चोरी’ के हथियार का इस्तेमाल कर रही है।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि उत्तर प्रदेश में एसआईआर के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए, संदिग्ध तरीके से नए मतदाताओं को जोड़ा गया और इस पूरी प्रक्रिया में नियमों का गंभीर उल्लंघन हुआ।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एसआईआर के दौरान 2.96 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए, जो अब तक एसआईआर की प्रक्रिया से गुजर चुके राज्यों में सबसे बड़ी संख्या है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि करीब 16 लाख मतदाताओं को फॉर्म-6 के जरिए जोड़ा गया, लेकिन उनके मुताबिक, कानून के तहत इन मतदाताओं का विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने अब तक यह जानकारी उपलब्ध कराने से इनकार किया है।

रमेश ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में उत्तर प्रदेश के सीईओ और निर्वाचन आयोग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दोनों संस्थानों से स्पष्ट करने को कहा कि मतदाताओं को जोड़ने के लिए विशेष अनुरोध किसने किया था और इसके पीछे किसका निर्देश था।

कांग्रेस महासचिव ने दावा किया कि एसआईआर की सुनवाई के बाद ईआरओनेट सॉफ्टवेयर के जरिए पहले से भरे हुए 85,854 फॉर्म-7 तैयार किए गए, जिनका इस्तेमाल मतदाताओं के नाम हटाने के लिए किया जा सकता था।

उन्होंने आरोप लगाया कि ये फॉर्म निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के नाम और हस्ताक्षर के साथ तैयार किए गए तथा इन नामों को हटाने के लिए अधिकारियों के पास लगभग कोई विकल्प नहीं बचा था।

उन्होंने यह भी कहा कि इन नामों को हटाने के स्पष्ट कारण नहीं बताए गए।

रमेश ने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोई अधिकारी एक ही समय में आपत्ति दर्ज करने वाला और उसी आपत्ति पर फैसला करने वाला कैसे हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि नियमों के अनुसार, दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि समाप्त होने के बाद फॉर्म-7 के जरिए आपत्ति दर्ज नहीं की जा सकती।

उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के पुनरीक्षण में तीन स्तरों पर गड़बड़ी हुई है—2.96 करोड़ नाम हटाए जाने, करीब 16 लाख मतदाताओं को संदिग्ध तरीके से जोड़े जाने और 85,854 नामों को हटाने के लिए कथित तौर पर रहस्यमय तरीके से फॉर्म-7 तैयार किए जाने के रूप में।

रमेश ने कहा कि राहुल गांधी और पूरा विपक्ष ‘‘मोदी-शाह प्रायोजित वोट चोरी’’ के खिलाफ सड़कों पर संघर्ष कर रहा है और यह लड़ाई निर्णायक दौर में पहुंच रही है।

भाषा हक हक माधव

माधव