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भाजपा ने 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण रोकने का ‘पाप’ किया, कांग्रेस शीर्ष अदालत जाएगी : पटवारी

इंदौर, नौ अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का 27 प्रतिशत आरक्षण रोकने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी इस मामले में उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी और 2028 के विधानसभा चुनाव में राज्य की सत्ता में लौटने पर यह आरक्षण बहाल करेगी।

पटवारी ने यह बात ओबीसी आरक्षण को लेकर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले के चंद घंटों बाद कही।

अदालत ने कमलनाथ की अगुवाई वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा 2019 में ओबीसी का आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के लिए बनाए गए कानून को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया है।

इसके परिणामस्वरूप राज्य में यह आरक्षण फिर से 14 प्रतिशत के स्तर पर आ गया है।

पटवारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “भाजपा ने पाप किया है। सत्तारूढ़ दल ने ओबीसी समुदाय से छल किया है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पिछले सात साल से ओबीसी आरक्षण रोकने का प्रयास कर रही थी।

पटवारी ने कहा कि राज्य सरकार ओबीसी वर्ग को अतिरिक्त 13 प्रतिशत आरक्षण देने के पक्ष में आवश्यक और पर्याप्त आंकड़े उच्च न्यायालय के सामने पेश नहीं कर सकी।

प्रदेशध्यक्ष ने कहा, “ओबीसी समुदाय के लोगों को डरने और निराश होने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस आपके हक के लिए उच्चतम न्यायालय जाएगी।”

उन्होंने कहा कि वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सत्ता में लौटने पर 2019 के कानून को शब्दशः बहाल किया जाएगा।

पटवारी ने दिल्ली पुलिस द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किए जाने और रेलवे द्वारा दिल्ली जाने वाली कई ट्रेन को निरस्त किए जाने को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शनों को अनुमति नहीं दी जा रही है और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है।

प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि युवाओं और विपक्षी नेताओं के आंदोलनों पर कानूनी कार्रवाई करना ‘अघोषित आपातकाल’ जैसी स्थिति है।

भाषा हर्ष जितेंद्र

जितेंद्र