मुंबई, नौ अक्टूबर (भाषा) महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में नागपुर स्नातक सीट के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता अनिल सोले निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में बने हुए हैं, जबकि शिवसेना के मंगेश चिवटे ने शुक्रवार को पुणे शिक्षक सीट के लिए अपना नामांकन वापस ले लिया। नामांकन वापस लेने की आज आखिरी तारीख थी।
चिवटे ने भाजपा के आधिकारिक उम्मीदवार कौस्तुभ गावड़े के खिलाफ नामांकन दाखिल किया था, जिससे भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राकांपा के महायुति गठबंधन में मतभेद उजागर हुए थे।
कांग्रेस ने जयंत असगांवकर को मैदान में उतारा है।
पार्टी नेतृत्व के निर्देशों के बाद चिवटे ने अपना नामांकन वापस ले लिया।
नामांकन वापस लेने के बारे में पूछे जाने पर चिवटे ने पत्रकारों से कहा कि शिवसेना में पार्टी प्रमुख की बात ही आखिरी होती है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह पीछे हटना नहीं है, बल्कि निर्देशों का पालन करते हुए नामांकन वापस लेना है। मैं पार्टी का कोई वरिष्ठ नेता नहीं हूं, जो अपने वरिष्ठों के फैसले पर टिप्पणी करूं।’’
राकांपा नेता प्रताप भैया माने ने भी सत्ताधारी महायुति गठबंधन के नेताओं के साथ बातचीत के बाद पुणे स्नातक सीट की दौड़ से अपना नाम वापस ले लिया। माने ने भाजपा की स्मिता जाधव के खिलाफ नामांकन दाखिल किया था, जो सत्ताधारी गठबंधन की आधिकारिक उम्मीदवार थीं।
नागपुर स्नातक सीट पर मुकाबला कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी अभिजीत वंजारी और भाजपा के सुधाकर कोहाले के बीच है। पूर्व एमएलसी सोले निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। सोले ने आखिरी दिन भी अपनी उम्मीदवारी वापस नहीं ली।
भाषा वैभव दिलीप
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