नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर (भाषा) शिवसेना (उबाठा) ने शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर कहा कि महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) के चुनावों से संबंधित पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के कारण उसका कोई प्रतिनिधि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए जाने वाले विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल नहीं हो सकेगा।
हालांकि, पार्टी ने खरगे के नेतृत्व वाले ‘इंडिया’ गठबंधन और राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान को अपना पूर्ण समर्थन देने की बात कही है।
शिवसेना (उबाठा) के नेताओं संजय राउत और अरविंद सावंत ने खरगे को लिखे पत्र में कहा कि उनकी पार्टी खरगे के नेतृत्व वाले ‘इंडिया’ गठबंधन और राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान को अपना पूर्ण समर्थन देती है।
पत्र में दोनों नेताओं के हवाले से कहा गया, ‘‘हम भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने और लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने के लिए जिम्मेदार भाजपा सरकार के लोगों को बेनकाब करने के वास्ते उठाए जा रहे हर कदम और पहल के साथ मजबूती से खड़े हैं।’’
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में आगामी एमएलसी चुनावों के सिलसिले में पहले से निर्धारित कार्यक्रमों के कारण वे शुक्रवार रात आठ बजे राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए उपस्थित नहीं हो सकेंगे।
राउत और सावंत ने पत्र में कहा, ‘‘हमारी अनुपस्थिति के लिए हम क्षमा चाहते हैं। कृपया राष्ट्रपति को ‘इंडिया’ गठबंधन के इस अभियान के प्रति हमारी पूर्ण एकजुटता से अवगत कराएं। लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की इस ऐतिहासिक लड़ाई में हमारी पार्टी गठबंधन के साथ है।’’
विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के नेता मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितता और ‘वोट चोरी’ के मामले में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार रात आठ बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे।
राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए जाने वाले विपक्षी प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की अध्यक्ष ममता बनर्जी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम ए बेबी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव शामिल होंगे।
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हक दिलीप
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