(विजय जोशी)
(तस्वीरों के साथ)
तिरुवनंतपुरम, नौ अक्टूबर (भाषा) केरलम के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने शुक्रवार को राहुल गांधी की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक दृढ़ संकल्प वाला ‘योद्धा’ करार दिया और कहा कि वर्ष 2029 के आम चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने के लिए कांग्रेस नेता ही ‘एकमात्र विकल्प’ हैं।
‘पीटीआई वीडियो’ के साथ एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ गांधी के नेतृत्व में जारी आंदोलन भारतीय इतिहास में एक ऐसे निर्णायक मोड़ के रूप में दर्ज होगा, जिसने देश की राजनीति की दिशा बदल दी।
कांग्रेस के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘वह एक योद्धा हैं। जब उन्हें किसी बात पर विश्वास हो जाता है, तो वह पूरी ताकत से लड़ते हैं... अब देश (भारत) के सभी लोग राहुल जी पर भरोसा करते हैं। बुद्धिजीवी, प्रेस और गठबंधन के सहयोगी राहुल गांधी पर विश्वास करते हैं।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ और इस गठबंधन से बाहर के दलों को गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार स्वीकार करने के लिए राजी करना मुश्किल होगा, सतीशन ने कहा, “निश्चित रूप से वे उन्हें स्वीकार करेंगे। गठबंधन के सभी सहयोगी उनका समर्थन करने के लिए एकजुट होंगे, क्योंकि वह एकमात्र ऐसे नेता हैं जो इस सरकार को बदल सकते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि इन दलों के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। यही एकमात्र विकल्प है।’’
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल गांधी द्वारा आंदोलन शुरू किए जाने के बाद किसी प्रमुख कांग्रेस नेता की ओर से यह पहला बयान है। साथ ही यह पहला मौका है जब किसी नेता ने इतने दृढ़ विश्वास के साथ इस आंदोलन को गांधी की प्रधानमंत्री पद की महत्वाकांक्षाओं से जोड़ा है।
इस सप्ताह की शुरुआत में सतीशन नयी दिल्ली में थे जब विरोध मार्च का नेतृत्व करते समय राहुल गांधी को उनकी बहन प्रियंका गांधी वाद्रा के साथ कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया था। गांधी की रिहाई के समय वह पुलिस थाने के बाहर भी इंतजार कर रहे थे।
राहुल के नेतृत्व में यह मार्च विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाला गया था।
उन्होंने कहा, ‘‘राहुल जी के नेतृत्व में उस लड़ाई और आंदोलन में शामिल होना मेरे लिए गर्व का क्षण था। मेरा मानना है कि यह आंदोलन भारत के इतिहास में दर्ज होगा।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें लगता है कि मौजूदा आंदोलन भारतीय इतिहास में एक निर्णायक मोड़ साबित होगा, उन्होंने कहा, “लोकतंत्र को बचाए रखने की यह लड़ाई इतिहास में दर्ज होगी। भारतीय लोकतंत्र इन सभी परिस्थितियों से उबरकर अपना अस्तित्व बरकरार रखेगा।’’
सतीशन ने कहा कि जब राहुल गांधी ने शुरुआत में एसआईआर का मुद्दा उठाया और चुनाव में हेरफेर को लेकर निर्वाचन आयोग तथा केंद्र सरकार पर आरोप लगाए, तो सभी को लगा कि यह हार चुके व्यक्ति का विलाप है।
उन्होंने कहा कि लेकिन राहुल गांधी को अपने आरोपों पर दृढ़ विश्वास था। उन्होंने आंकड़े जुटाए और ‘पूरी ताकत से लड़ाई लड़ी’।
सतीशन ने कहा, ‘‘अब सभी को विश्वास हो गया है कि चुनाव, मतदाता सूची और एसआईआर में गड़बड़ियां हुई हैं।’’
केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग ने हालांकि किसी भी तरह की गड़बड़ी के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि सभी प्रक्रियाएं कानून के अनुसार पूरी की गईं।
सतीशन ने कहा कि राहुल गांधी ‘‘इस फासीवादी सरकार के खिलाफ सभी गठबंधन सहयोगियों को एकजुट कर सकते हैं।’’
क्या राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता और करिश्मे का मुकाबला कर सकते हैं? इस सवाल पर सतीशन ने कहा, ‘‘बिल्कुल कर सकते हैं। वह ऐसा कर सकते हैं। लोग अब उन पर भरोसा करते हैं, क्योंकि वह ईमानदार और सच्चे हैं तथा उनका कोई दूसरा स्वार्थ नहीं है। वह तर्कसंगत बातें करते हैं।’’
जब उनसे पूछा गया कि ‘कोई दूसरा स्वार्थ नहीं’ कहने से उनका क्या मतलब है, तो सतीशन ने कहा, ‘‘आप जानते हैं कि लगभग सभी राजनेताओं के कई दूसरे स्वार्थ होते हैं। (राहुल गांधी) का इस सरकार के खिलाफ लड़ने और इसे बेनकाब करने के अलावा कोई दूसरा स्वार्थ नहीं है।’’
भाषा संतोष माधव
माधव