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भाजपा सरकार अपराध के प्रति 'कतई बर्दाश्त नहीं करने' की नीति अपनाती है: शुभेंदु

कोलकाता, नौ सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को अपराध के खिलाफ अपनी सरकार की ‘कतई बर्दाश्त नहीं करने’ की नीति को रेखांकित किया और आर जी कर दुष्कर्म एवं हत्या मामले की जांच के शुरुआती चरण में कथित लापरवाही और कर्तव्य में कोताही बरतने के आरोप में तीन आईपीएस अधिकारियों को निलंबित किए जाने का उल्लेख किया।

राज्य संचालित आर जी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि नौ अगस्त, 2024 को संस्थान में एक प्रशिक्षु महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और हत्या की भयावह घटना के पांच दिन बाद तत्कालीन स्थानीय तृणमूल कांग्रेस विधायक ने तत्कालीन मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपराध स्थल पर तोड़फोड़ करने के लिए “भीड़ जुटाई थी”।

उन्होंने आरोप लगाया, “यह भीड़ एक समुदाय से संबंधित थी। हम दोषियों को कानून के कटघरे में लाएंगे।”

शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार अपराध के प्रति कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाती है। इसका उदाहरण यह है कि राज्य में पार्टी की सरकार बनने के तुरंत बाद तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। उन पर आर जी कर मामले की जांच के शुरुआती चरण में कथित लापरवाही और कर्तव्य में कोताही बरतने के आरोप हैं।”

कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत गोयल और पूर्व पुलिस उपायुक्तों इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता को 15 मई को निलंबित कर दिया गया था। यह कार्रवाई भाजपा के राज्य की सत्ता संभालने के कुछ दिन बाद हुई।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “पश्चिम बंगाल पुलिस ने दुष्कर्म एवं हत्या की पीड़िता के शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार किए जाने के मामले की जांच शुरू की है। यह सरकार पीड़ित परिवार को न्याय सुनिश्चित करेगी। पीड़िता के परिवार के अनुरोध पर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इस मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया है।”

उन्होंने कहा कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आर जी कर अस्पताल के लिए चिकित्सा उपकरणों की खरीद में कथित अनियमितताओं की भी जांच की जाएगी।

भाषा अमित पवनेश

पवनेश