कासरगोड (केरलम), नौ अक्टूबर (भाषा) केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय के पांच छात्रों के निलंबन के विरोध में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) द्वारा निकाला गया विरोध मार्च शुक्रवार को हिंसक हो गया। पुलिस ने बताया कि इसके बाद उसने यहां पेरिया में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया।
विश्वविद्यालय ने परिसर में छह और सात अक्टूबर को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी के दौरान विरोध प्रदर्शन करने पर पांच छात्रों को निलंबित कर दिया था।
छात्रों ने विश्वविद्यालय में वंदे मातरम् पर संगोष्ठी आयोजित किए जाने और कार्यक्रम में आरएसएस से जुड़े एक संगठन के राष्ट्रीय संयोजक जे. नंदकुमार की मौजूदगी का विरोध किया था।
छात्रों ने यह आरोप भी लगाया था कि कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराने वाले कई छात्रों को इसमें प्रवेश नहीं दिया गया।
इसके बाद पुलिस ने छात्र संगठनों के 25 नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया और विश्वविद्यालय ने बृहस्पतिवार को पांच छात्रों को दो सप्ताह के लिए निलंबित कर दिया।
निलंबित छात्रों में एसएफआई के कार्यकर्ता सैयद अली एस और अवेद वी.बी., एमएसएफ के कार्यकर्ता शबीर और तकियुद्दीन तथा केएसयू के कार्यकर्ता मोहम्मद यासीन शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि एसएफआई कार्यकर्ताओं ने निलंबन के विरोध में नारेबाजी करते हुए शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर की ओर मार्च निकाला।
प्रदर्शनकारियों को प्रशासनिक भवन तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेड लगा दिए थे।
अधिकारियों ने बताया कि जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर बैरिकेड पर चढ़ने और उन्हें गिराने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया।
अधिकारियों के अनुसार, परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
भाषा संतोष नरेश
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