नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर (भाषा) ‘इंडिया’ गठबंधन के कई नेताओं और कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली आने वाली ट्रेनें रद्द किए जाने की शुक्रवार को आलोचना की और आरोप लगाया कि मोदी सरकार युवाओं से डर गई है।
तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन ने कहा कि सरकार ने युवाओं से डरे होने के कारण यह कदम उठाया है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने इन पाबंदियों को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है।
कॉजपा ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन का आह्वान किया है।
दीपके ने ट्रेनें रद्द किए जाने की आलोचना करते हुए कहा, ''अगर आप युवाओं से डरते हैं, तो पूरे देश को बंद कर दीजिए।''
ओब्रायन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पूर्वी रेलवे की उस घोषणा को साझा किया, जिसमें हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस और सियालदह-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस को रद्द किए जाने की जानकारी दी गई थी। इन ट्रेनों को शुक्रवार को रवाना होकर शनिवार को दिल्ली पहुंचना था।
उनका कहना है, ''यह भारत के युवाओं और कॉजपा और दीपके की बड़ी जीत है। शाबाश! अभी तो खेल शुरू भी नहीं हुआ है और सरकार बुरी तरह डरी हुई है तथा घबराहट में है!''
माकपा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पार्टी के महासचिव एम ए बेबी ने 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले लगाई गई पाबंदियों को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है। इनमें दिल्ली आने वाली ट्रेनों को रद्द करना, मेट्रो स्टेशन बंद करना और इंटरनेट सेवाएं बंद करना शामिल है।
इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल बेबी की ओर से पैरवी कर रहे हैं।
कॉजपा के प्रवक्ता सौरव दास ने भी पाबंदियों की आलोचना करते हुए कहा, ''भारत सरकार ने कल दिल्ली बंद करने का आह्वान किया है। हास्यास्पद!''
कॉजपा ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया है।
रेलवे बोर्ड ने 10 अक्टूबर को सुबह चार बजे से अपराह्न दोपहर दो बजे के बीच नयी दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर पहुंचने वाली कुछ मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को शुक्रवार को रद्द कर दिया।
वहीं, दिल्ली पुलिस ने भी दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) से 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने का आग्रह किया है, ताकि युवाओं को प्रदर्शन में शामिल होने से रोका जा सके।
भाषा हक दिलीप
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