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कांग्रेस नेता वेणुगोपाल से मतभेद की खबरों को खारिज किया सतीशन ने, कहा-हम अच्छे मित्र हैं

तिरुवनंतपुरम, नौ अक्टूबर (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने शुक्रवार को अपने और एआईसीसी के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के बीच मतभेद की खबरों को खारिज कर दिया।

करीब चार महीने पहले दोनों नेता राज्य के मुख्यमंत्री पद के दावेदार थे लेकिन सतीशन ने कहा कि वे अच्छे दोस्त हैं और उनके बीच कोई मनमुटाव नहीं है।

उन्होंने यहां ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘हम बहुत करीबी हैं। वह मेरे समकालीन हैं। वह मेरे... युवा कांग्रेस अध्यक्ष थे। हम बहुत करीबी दोस्त हैं। हम साथ में दुनिया भर की यात्रा करते थे।’’

सतीशन ने कहा कि वह वेणुगोपाल के संपर्क में रहते हैं और दोनों लगभग हर दिन एक-दूसरे से बात करते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘जब भी मैं दिल्ली में होता हूं, तो उनसे मिलता हूं या उन्हें फोन करता हूं। वह भी मुझे फोन करते हैं। इनमें से कुछ बातें (मतभेद की खबरें) मीडिया द्वारा बनाई जाती हैं। कांग्रेस में स्थिति अलग है। हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं।’’

सतीशन ने कहा कि हर पार्टी में शीर्ष पद के लिए होड़ आम बात है और केरल के मुख्यमंत्री पद के अन्य दावेदार -- वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला -- भी उतने ही योग्य थे।

उन्होंने कहा, ‘‘सभी योग्य उम्मीदवार हैं। मैं उनके दावे को खारिज नहीं कर सकता। उदाहरण के लिए रमेश चेन्निथला, वह मुझसे वरिष्ठ हैं। और के.सी. वेणुगोपाल मेरे समकालीन हैं। लेकिन वह दिल्ली में संगठन महासचिव के तौर पर अच्छा काम कर रहे हैं। वे दावा कर सकते हैं, लेकिन सभी बातों पर विचार करने के बाद हमारे कांग्रेस आलाकमान ने... मेरे नाम का फैसला किया। इसका मतलब यह नहीं है कि वे योग्य नहीं हैं। लेकिन आपको केवल एक व्यक्ति को चुनना होता है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि हो सकता है कि उन्हें इसलिए चुना गया क्योंकि उन्होंने पार्टी को कई उपचुनावों और स्थानीय निकाय चुनावों में जीत दिलाई और आखिरकार इस साल विधानसभा चुनाव में यूडीएफ को जीत दिलाई।

उन्होंने कहा कि उन्होंने यह भी भविष्यवाणी की थी कि यूडीएफ 100 सीटें (140 में से) पार कर जाएगा और 12 मौजूदा मंत्री हार जाएंगे, जो सच साबित हुई, जबकि 26 में से 18 चुनावी सर्वेक्षणों ने यूडीएफ की करारी हार की भविष्यवाणी की थी।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कहा था कि अगर हम (विधानसभा चुनाव) नहीं जीते, तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा। यह मेरा वादा था। मैंने यह वादा अपने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाने के लिए किया था। और कांग्रेस को केरल के इतिहास में सबसे ज्यादा सीटें मिलीं। शायद यही वजहें थीं जिनकी वजह से मुझे नेता चुना गया।’’

इस साल अप्रैल में हुए विधानसभा चुनावों के तुरंत बाद, केरल में मुख्यमंत्री पद के लिए वेणुगोपाल, सतीशन और चेन्निथला का समर्थन करने वाले पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच जबरदस्त खींचतान देखने को मिली।

कई दिन की बातचीत के बाद, कांग्रेस आलाकमान ने इस पद के लिए सतीशन को चुना। तब से, खबरों में उनके और वेणुगोपाल के बीच मतभेद की बात कही जा रही है।

कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने विधानसभा चुनावों में 102 सीटें जीतकर भारी बहुमत से सत्ता हासिल की।

कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा के साथ अपने संबंधों के बारे में पूछे जाने पर सतीशन ने कहा कि उन सभी के साथ उनके अच्छे संबंध हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रियंका गांधी केरल और वायनाड (उनके चुनाव क्षेत्र) में बहुत दिलचस्पी रखती हैं। हम (लगातार) बातचीत करते रहते हैं। राहुल गांधी और सोनिया गांधी के साथ भी मेरे बहुत अच्छे संबंध हैं।’’

भाषा वैभव नरेश

नरेश