दिल्ली, नौ अक्टूबर (भाषा) दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि ‘‘पत्रकारिता की अपनी भूमिका है और इसे बाधित नहीं किया जाना चाहिए’’, वहीं दूसरी ओर अतिरिक्त डीसीपी मनजीत श्योराण ने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारी एक दिन पत्रकार बनकर आते हैं और अगले दिन प्रदर्शनों में हिस्सा लेते हैं जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया जाता है।
श्योराण ने कहा कि पुलिस ने ऐसे लोगों से कई बार अपील की है कि वे प्रदर्शनों की कवरेज उचित दूरी से करें, लेकिन इसके बावजूद वे ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालते रहते हैं।
दिल्ली पुलिस ने सोमवार को प्रदर्शन स्थलों पर कवरेज करने वाले पत्रकारों के लिए परामर्श जारी किया था। इसमें पत्रकारों को अपने संबंधित मीडिया संस्थानों द्वारा जारी वैध पहचान पत्र या वैध पीआईबी/डीआईपी मान्यता कार्ड साथ रखने और उन्हें हर समय स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने की सलाह दी गई है, ताकि प्रदर्शन स्थलों पर कानून प्रवर्तन एजेंसियां उनकी पहचान आसानी से कर सकें।
परामर्श में कहा गया है कि मीडियाकर्मियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी मौजूदगी और गतिविधियों से पुलिस की कार्रवाई या कानून प्रवर्तन कर्मियों की आवाजाही बाधित न हो।
पुलिस ने तनावपूर्ण परिस्थितियों में प्रदर्शन स्थलों पर मौजूद पत्रकारों को कवरेज और रिकॉर्डिंग के दौरान उचित एवं सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह भी दी है। साथ ही, उन्हें ऐसी जगह खड़े होने को कहा गया है, जहां उनकी पहचान प्रदर्शनकारियों से स्पष्ट रूप से अलग से हो सके।
यह परामर्श ऐसे समय जारी किया गया है, जब प्रदर्शन स्थलों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती रहती है और पत्रकारों को तनावपूर्ण तथा भीड़भाड़ वाली परिस्थितियों में काम करना पड़ सकता है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, इन उपायों का उद्देश्य पत्रकारों की पहचान सुनिश्चित करना और यह सुनिश्चित करना है कि मीडियाकर्मी पुलिस की कार्रवाई या सुरक्षा कर्मियों की आवाजाही में हस्तक्षेप न करें।
भाषा रंजन नरेश
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