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भारतीय मूल की दक्षिण अफ्रीका की विधिवेत्ता नवी पिल्लई को नोबेल शांति पुरस्कार देने की घोषणा

ओस्लो, नौ अक्टूबर (भाषा) भारतीय मूल की दक्षिण अफ्रीकी विधिवेत्ता नवनेथम ‘नवी’ पिल्लई को नोबेल शांति पुरस्कार देने की शुक्रवार को घोषणा की गई।

संयुक्त राष्ट्र की पूर्व मानवाधिकार प्रमुख और अंतरराष्ट्रीय अदालत की न्यायाधीश पिल्लई को यह पुरस्कार शांति एवं अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने में उनके योगदान के लिए प्रदान करने की घोषणा की गई है।

तेईस सितंबर, 1941 को डरबन में तमिल मूल के भारतीय माता-पिता के घर जन्मीं पिल्लई का बचपन रंगभेद के दौर में बीता। उन्होंने आगे चलकर रंगभेद विरोधी कार्यकर्ताओं का बचाव करने तथा मानवाधिकारों और समानता को बढ़ावा देने के क्षेत्र में अपना करियर बनाया।

वह 1967 में दक्षिण अफ्रीका के नेटाल प्रांत में वकालत शुरू करने वाली पहली महिला बनीं। बाद में वह दक्षिण अफ्रीका के उच्च न्यायालय में न्यायाधीश बनने वाली पहली अश्वेत महिला बनीं।

उन्होंने रवांडा के लिए अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायाधिकरण में न्यायाधीश और अध्यक्ष के रूप में भी सेवाएं दीं। इसके अलावा, वह अंतरराष्ट्रीय आपराधिक अदालत की न्यायाधीश और 2008 से 2014 तक संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त भी रहीं।

नोबेल समिति ने ओस्लो में घोषणा की कि शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने के लिए किए गए कार्यों के वास्ते दक्षिण अफ्रीका की पूर्व विधिवेत्ता को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार दिया जा रहा है।

नोबेल शांति पुरस्कार को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक माना जाता है। इस वर्ष नोबेल शांति पुरस्कार की 125वीं वर्षगांठ है।

भाषा अमित पवनेश

पवनेश