कोच्चि, नौ अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने केरल उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद विश्वदीप्ति मल्टी स्टेट एग्री को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड से जुड़े 65 करोड़ रुपये के कथित निवेश घोटाले के मामले की जांच अपने हाथ में ले ली। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
सीबीआई की कोच्चि स्थित भ्रष्टाचार निरोधक इकाई ने 29 सितंबर को अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध संबंधी अधिनियम (बीयूडीएस) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की।
प्राथमिकी में आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं।
यह प्राथमिकी कोच्चि की बीयूडीएस अधिनियम से संबंधित मामलों की विशेष अदालत में दर्ज की गई।
सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, मामले में 12 आरोपियों को नामजद किया गया है और इनमें सहकारी समिति के अलावा बोर्ड के 11 सदस्य व प्रवर्तक शामिल हैं।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि इस सहकारी समिति ने 12 से 14.5 प्रतिशत तक ब्याज देने का वादा कर लोगों को अपनी बचत जमा करने के लिए लुभाया।
इस समिति का तमिलनाडु के कोयंबटूर में मुख्यालय है और केरलम में कई शाखाएं हैं।
प्राथमिकी के मुताबिक, समिति, उसके प्रवर्तक और निदेशक मूल राशि सहित जमा रकम लौटाने में विफल रहे, जिससे जमाकर्ताओं को आर्थिक नुकसान हुआ।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि कथित घोटाले में शामिल कुल राशि लगभग 65 करोड़ रुपये आंकी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि अप्रैल 2023 से नवंबर 2024 के बीच लोगों से ये कथित तौर पर जमा कराई गयी थी।
अधिकारियों के अनुसार, इन आरोपों के संबंध में विभिन्न थानों में कुल 335 आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे।
बाद में जांच के लिए इन मामलों को राज्य अपराध शाखा और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को सौंप दिया गया।
इनमें से 110 मामले त्रिशूर जिले में दर्ज किए गए थे।
अधिकारियों ने बताया कि शेष मामले मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड जिलों में दर्ज किए गए थे।
जमाकर्ताओं ने इन आरोपों की सीबीआई जांच कराने के अनुरोध को लेकर केरल उच्च न्यायालय का रुख किया था।
भाषा जितेंद्र नरेश
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