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गौरव यादव पंजाब के डीजीपी नियुक्त, पदभार संभाला

चंडीगढ़, नौ अक्टूबर (भाषा) पंजाब सरकार ने शुक्रवार को 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी गौरव यादव को राज्य का नियमित पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया। एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गई।

भगवंत मान सरकार ने यादव को जुलाई 2022 में कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया था।

इस नियुक्ति के साथ ही राज्य में नियमित डीजीपी की नियुक्ति को लेकर लंबे समय से बनी अनिश्चितता समाप्त हो गई है।

आदेश में कहा गया है कि यादव का कार्यकाल पदभार संभालने की तारीख से कम से कम दो वर्ष का होगा।

हाल ही में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को नियमित डीजीपी की नियुक्ति पर उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया था। अदालत ने कहा था कि कार्यवाहक व्यवस्था को अनिश्चितकाल तक जारी रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 अक्टूबर की तारीख तय की थी।

याचिकाकर्ता ने कहा था कि जुलाई 2022 से डीजीपी का पद अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था के तहत संभाला जा रहा है।

राज्य सरकार की ओर से शुक्रवार को यादव की नियुक्ति का आदेश जारी किए जाने के बाद पंजाब पुलिस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि गौरव यादव ने पंजाब पुलिस बल के प्रमुख के रूप में पुलिस महानिदेशक का पदभार संभाल लिया है।

नियमित डीजीपी की नियुक्ति के लिए संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने राज्य सरकार की ओर से भेजे गए भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 14 वरिष्ठ अधिकारियों के पैनल में से तीन अधिकारियों के नामों की सिफारिश की थी। यादव का नाम भी इस पैनल में शामिल था।

यूपीएससी की ओर से भेजे गए पैनल में विशेष डीजीपी शरद सत्य चौहान (पंजाब सतर्कता प्रमुख) और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हरप्रीत सिंह सिद्धू भी शामिल थे।

पंजाब सरकार के आदेश के अनुसार, यूपीएससी ने एक जुलाई को लिखे पत्र के जरिए राज्य सरकार की ओर से भेजे गए पैनल में से तीन आईपीएस अधिकारियों को डीजीपी पद पर नियुक्ति के लिए उपयुक्त माना था।

आदेश में कहा गया कि यादव को राज्य पुलिस बल का प्रमुख नियुक्त करने का फैसला यूपीएससी से मिले पैनल पर विचार करने के बाद लिया गया।

आदेश के मुताबिक, यादव का कार्यकाल पदभार संभालने की तारीख से कम से कम दो वर्ष का होगा।

नियुक्ति की प्रक्रिया के तहत, राज्य सरकार नियमित डीजीपी की नियुक्ति के लिए अधिकारियों की सूची भेजती है। इसके बाद यूपीएससी की पैनल समिति तीन अधिकारियों के नामों की सिफारिश करती है जिनमें से राज्य सरकार किसी एक को पुलिस प्रमुख नियुक्त करने के लिए चुनती है।

भाषा नरेश

नरेश

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