गांधीनगर, नौ अक्टूबर (भाषा) गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शासन प्रमुख के रूप में नरेन्द्र मोदी के 25 वर्ष के सफर को शुक्रवार को ‘संकल्प से सिद्धि तक’ की यात्रा बताया और कहा कि इस दौरान प्रधानमंत्री ने निर्णायक नेतृत्व के जरिए चुनौतियों को अवसरों में बदला।
पटेल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘नीतिगत निष्क्रियता’ के दौर को खत्म कर नीतियों पर आधारित शासन व्यवस्था स्थापित की।
उन्होंने कहा कि ‘गुजरात मॉडल’ के जरिए यह दिखाया गया कि सही नीयत और स्पष्ट दृष्टि से किसी देश की तकदीर बदली जा सकती है।
पटेल ने कहा, ‘‘यह सत्ता के बजाय सेवा को शासन के केंद्र में रखने का निरंतर प्रयास रहा है, जो राष्ट्र के प्रति अटूट प्रतिबद्धता से प्रेरित है। देश और दुनिया ने सेवा भाव और जनकल्याण की दृष्टि से मिलने वाले उल्लेखनीय परिणामों को देखा और अनुभव किया है।’’
नरेन्द्र मोदी ने अक्टूबर 2001 से मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में और इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री का पद संभाला।
मोदी, गुजरात के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले व्यक्ति हैं।
पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व ने ‘‘देश की तकदीर बदल दी’’ है और करोड़ों नागरिकों के सपनों को साकार करने में मदद की है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पूरी शासन व्यवस्था में नयी ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘एक समय था, जब देश ‘नीतिगत निष्क्रियता’ से जूझ रहा था। आज प्रधानमंत्री मोदी के जनहितैषी दृष्टिकोण ने नीतियों पर आधारित शासन व्यवस्था का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है।’’
पटेल ने कहा कि जिस देश की प्रगति कभी चुनौतियों के कारण बाधित होती थी, वह आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आत्मविश्वास के साथ दुनिया को नयी दिशा दिखाने में सक्षम है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘उनका (प्रधानमंत्री मोदी का) नेतृत्व हमें सिखाता है कि दृढ़ संकल्प, स्पष्ट दृष्टि और जनकल्याण की भावना के साथ इच्छाशक्ति, योजना और प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से असंभव लगने वाले लक्ष्यों को भी तय समयसीमा में हासिल किया जा सकता है।’’
उन्होंने कहा कि गुजरात निवेशक शिखर सम्मेलन निवेशकों के लिए भविष्य की ओर एक वैश्विक प्रवेश द्वार बनकर उभरा है।
पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने विकास के केंद्र में गरीबों के कल्याण को रखा है, जिससे सबसे कमजोर वर्ग के लोगों के जीवन में भी गुणात्मक बदलाव आए हैं।
भाषा जितेंद्र नेत्रपाल
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