कोलकाता, नौ अक्टूबर (भाषा) पश्चिम बंगाल में लगभग चार महीने पहले सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को विधानसभा उपचुनावों में भी अपना दबदबा कायम रखते हुए नंदीग्राम सीट पर 1,05,869 वोटों की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली, जबकि मुस्लिम बहुल रेजीनगर सीट पर भी वह आगे चल रही है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, नंदीग्राम में 13 दौर की मतगणना के बाद भाजपा प्रत्याशी हासिरानी रथ पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समर्थित कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान से 1,05,869 मतों से आगे हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हासिरानी रथ को 1,43,656 वोट मिले, जबकि प्रधान को केवल 37,787 मत प्राप्त हुए।
मुर्शिदाबाद जिले के लगभग 70 प्रतिशत मुस्लिम मतदाताओं वाले रेजीनगर निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार शाखारव सरकार 10 दौर की गिनती के बाद आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रत्याशी गुलाम नबी आजाद से 55,583 मतों से आगे है। सरकार को 88,919 मत मिले, जबकि एजेयूपी के संस्थापक हुमायूं कबीर के बेटे आजाद को 33,336 वोट मिले।
दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 15 दौर की मतगणना होनी है।
कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच सुबह आठ बजे मतगणना शुरू हुई।
ये रुझान पश्चिम बंगाल के बदलते राजनीतिक परिदृश्य के दो अलग-अलग लेकिन महत्वपूर्ण संकेत दे रहे हैं: पहला, राज्य के राजनीतिक इतिहास में अहम स्थान रखने वाले नंदीग्राम में भाजपा का मजबूत होता जनाधार; और दूसरा-रेजीनगर में पार्टी का अप्रत्याशित रूप से मजबूत प्रदर्शन, जहां पारंपरिक रूप से अल्पसंख्यक मतदाता ही चुनावी नतीजे तय करते रहे हैं।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘राष्ट्रवादी लोग दोनों सीट पर जीत हासिल करने को तैयार हैं।’’
शुभेंदु ने विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीट से जीत हासिल की थी। शुभेंदु ने मुख्यमंत्री बनने के बाद भवानीपुर सीट बरकरार रखी, जिसके कारण नंदीग्राम में उपचुनाव की जरूरत पड़ी।
भाजपा ने नंदीग्राम में चंद्रनाथ रथ की मां हासिरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। चंद्रनाथ, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी थे।
विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के दो दिन बाद छह मई को चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
वहीं, मुर्शिदाबाद की रेजीनगर सीट उस समय खाली हुई जब 2026 के विधानसभा चुनाव में रेजीनगर और नवादा दोनों सीट से जीतने वाले हुमायूं कबीर ने नवादा सीट बरकरार रखी।
भाषा खारी पवनेश
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