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आईटी कंपनियों के लिए पीएलसीपी का निलंबन भारत को प्रभावित करेगा: मंत्री प्रियंक खरगे

बेंगलुरु, नौ अक्टूबर (भाषा) कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियंक खरगे ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका सरकार द्वारा प्रमुख आईटी आउटसोर्सिंग कंपनियों के लिए स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम (पीएलसीपी) को निलंबित करने के फैसले का भारत पर दूरगामी असर पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि इससे पारंपरिक आईटी आउटसोर्सिंग के सामने चुनौतियां खड़ी होंगी, लेकिन देश के प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए नये अवसर भी सृजित होंगे।

सूचना प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी विभागों का जिम्मा संभाल रहे प्रियंक खरगे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि इस कदम से अमेरिका में भारतीय आईटी कंपनियों की लागत बढ़ सकती है, कुशल कर्मचारियों को बनाए रखना मुश्किल हो सकता है और भारतीय पेशेवरों को काम के लिए अमेरिका भेजने में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

खरगे ने हालांकि कहा कि इस घटनाक्रम से भारत में वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) का विस्तार भी तेज हो सकता है।

उन्होंने कहा कि इससे वैश्विक शोध एवं विकास, इंजीनियरिंग और उत्पाद विकास से जुड़े अधिक काम भारत के शहरों में आने की संभावना है।

मंत्री ने कहा, ‘‘अगर भारतीय इंजीनियरों को अमेरिका भेजना अधिक मुश्किल और महंगा हो जाता है, तो अधिक मूल्यवर्धित काम उस जगह पर स्थानांतरित हो सकता है, जहां पहले से ही प्रतिभाशाली पेशेवर उपलब्ध हैं।’’

खरगे ने कहा कि इस बदलाव से देश में वरिष्ठ प्रौद्योगिकी पेशेवरों की मांग बढ़ सकती है और उत्पाद विकास, कृत्रिम मेधा, डीप टेक्नोलॉजी तथा नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में भारत की स्थिति मजबूत हो सकती है।

उन्होंने कहा कि इससे भारत की पहचान केवल आईटी सेवाएं देने वाले देश तक सीमित नहीं रहेगी।

भाषा जितेंद्र नरेश

नरेश