Breaking News

एमएलसी चुनाव: मेरठ-बरेली में बीजेपी की जीत     |   भाजपा प्रत्याशी डॉ हरि सिंह ढिल्लों की बड़ी जीत, 17676 मतों से विजयी     |   इजरायल चुनाव: एग्जिट पोल में बेंजामिन नेतन्याहू को बहुमत नहीं     |   सूडान के दारफुर में बाजार पर ड्रोन हमला, 102 लोगों की मौत, सेना पर आरोप     |   बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन की चांदनी चौक इलाके में पदयात्रा आज     |  

कॉजपा ने राजस्थान पुलिस पर पार्टी नेता को हिरासत में लेने, बदसलूकी करने का आरोप लगाया

जयपुर, नौ अक्टूबर (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने पार्टी के संगठनात्मक सह-प्रभारी दीपक बालियान को बृहस्पतिवार रात हिरासत में लिया और उनके साथ बदसलूकी की। हालांकि, देर रात उन्हें रिहा कर दिया गया।

पार्टी ने आरोप लगाया कि बालियान के पैर की हड्डी टूटी हुई थी, लेकिन इसके बावजूद पुलिसकर्मी उन्हें जबरन अपने साथ ले गए।

पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका के अनुसार, राजस्थान पुलिस के कर्मचारी बृहस्पतिवार को बालियान को अलवर के कठूमर स्थित उनके घर से ले गए थे। रांका ने कहा कि उन्हें देर रात रिहा कर दिया गया।

बालियान ने शुक्रवार को राजस्थान पुलिस पर आरोप लगाया कि बृहस्पतिवार देर रात पुलिसकर्मी उन्हें उनके घर से जबरन ले गए थे।

कॉजपा के सह-प्रभारी और कठूमर थाना क्षेत्र के एक गांव के निवासी बालियान ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि घर से ले जाने से पहले पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर दिया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी उनका मोबाइल फोन और चप्पल भी ले गए तथा उनसे जबरन एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराए, जिसमें लिखा था कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट नहीं की है।

बालियान ने चेतावनी दी कि अगर पुलिस की ओर से कथित प्रताड़ना जारी रही तो कॉजपा कठूमर में बड़ा आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर पुलिस ऐसी हरकतें करती रही, तो कठूमर अगला जंतर-मंतर बन जाएगा।’’

कठूमर के थाना प्रभारी चंद्रशेखर शर्मा ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस की एक टीम बालियान के घर गई थी, ताकि उन्हें दिल्ली में लागू भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के प्रावधानों की जानकारी दी जा सके और इस संबंध में समझाया जा सके।

शर्मा ने बताया कि बालियान को बाद में छोड़ दिया गया और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने बालियान का मोबाइल फोन ले जाने के आरोप को बेबुनियाद बताया।

बालियान के परिवार के अनुसार, पुलिसकर्मी उनके घर आए और कहा कि स्थानीय थाना प्रभारी (एसएचओ) ने उन्हें बुलाया है।

परिवार का दावा है कि बालियान ने सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्रवाई का सीधा प्रसारण किया, जिसके बाद पुलिसकर्मी वहां से चले गए। परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी बाद में लौटे और बालियान से वीडियो हटाने को कहा। जब उन्होंने ऐसा करने से इनकार किया तो पुलिसकर्मी उन्हें जबरन अपने साथ ले गए।

रांका ने आरोप लगाया कि बालियान के पैर की हड्डी टूटी हुई थी, लेकिन इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें घसीटा, जिससे उनके पैर में और चोटें आईं।

रांका ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पुलिस बालियान को करीब 100 किलोमीटर दूर ले गई और फिर उन्हें वापस घर छोड़ दिया।

उन्होंने लिखा, ‘‘कुछ सीमाएं ऐसी होती हैं जिन्हें पार नहीं किया जाना चाहिए। अच्छी बात है कि राजस्थान पुलिस को आखिरकार यह बात समझ आ गई।’’

इससे पहले, रांका ने एक पोस्ट में राजस्थान पुलिस पर ‘‘गुंडों की तरह’’ व्यवहार करने का आरोप लगाया था और बालियान एवं उनके भाई के साथ कथित बदसलूकी की आलोचना की थी।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉजपा ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

भाषा पृथ्वी सिम्मी

सिम्मी