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अपने मुनाफे के लिए ‘आर्थिक आतंकवाद’’ लागू कर रही है भाजपा: खरगे

नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आर्थिक नीतियों को लेकर शुक्रवार को उन पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने मुनाफे के लिए ‘आर्थिक आतंकवाद’ लागू कर रही है, जिससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) पर संकट गहरा गया है तथा युवाओं को बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है।

खरगे ने अमेरिकी अरबपति एलन मस्क की एक पोस्ट की पृष्ठभूमि में यह टिप्पणी की।

उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की आर्थिक नीति का मकसद अर्थव्यवस्था का नियंत्रण अपने करीबी पूंजीपति मित्रों को सौंपना है, ताकि बदले में भाजपा को मुनाफे में हिस्सेदारी मिल सके।

खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण प्रतिस्पर्धा खत्म कर एकाधिकार और द्वयाधिकार को बढ़ावा मिला है।

उन्होंने कहा कि इससे भाजपा की तिजोरी भरने का काम हुआ और आर्थिक उदारीकरण की नींव कमजोर हुई।

कांग्रेस अध्यक्ष ने दूरसंचार क्षेत्र का उदाहरण देते हुए दावा किया कि 2014 से पहले इस क्षेत्र में 13 कंपनियां थीं, जबकि अब केवल तीन बड़े निजी खिलाड़ी रह गए हैं।

घरेलू विमानन क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 2014 से पहले सात कंपनियां थीं, लेकिन अब केवल दो बड़े खिलाड़ी रह गए हैं।

खरगे ने डिजिटल भुगतान, सीमेंट और खाद्य वितरण ऐप जैसे क्षेत्रों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता हर जगह प्रतिस्पर्धा खत्म करना रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी आर्थिक उदारवाद की जननी है। भाजपा केवल अपने मुनाफे के लिए आर्थिक आतंकवाद लागू करती है, जिससे एमएसएमई और अन्य छोटे-मझोले उद्योगों पर पूरी तरह ताला लग गया है और हमारा युवा भयंकर बेरोजगारी का अभिशाप झेल रहा है।’’

खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इन नीतियों से बाजार में प्रतिस्पर्धा कमजोर हुई है और छोटे कारोबारियों तथा युवाओं के लिए आर्थिक अवसर प्रभावित हुए हैं।

दरअसल, मस्क ने बृहस्पतिवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था कि स्टारलिंक को 165 से अधिक देशों में लाइसेंस प्राप्त है और उनकी कंपनी पिछले पांच वर्षों से भारत सरकार के हर कानून और आवश्यकता का पालन कर रही है।

उन्होंने सवाल किया था कि इसके बावजूद भारत में स्टारलिंक को अब तक लाइसेंस क्यों नहीं मिला है।

मस्क ने पोस्ट में उद्योगपति मुकेश अंबानी का जिक्र करते हुए पूछा था, ‘‘क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं?’’

इसके बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मस्क की पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा, ‘‘भारत में आपका स्वागत है, एलन। दूसरे व्यक्ति से मिलेंगे तो और पता चलेगा।’’ इसके जवाब में मस्क ने कहा, ‘‘धन्यवाद, राहुल। यह वास्तव में चिंताजनक है।’’

सरकार ने इससे एक दिन पहले मस्क के इस आरोप पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी कि कुछ ‘‘कुलीन कारोबारी’’ भारत के बाजार पर ‘‘एकाधिकारवादी शिकंजा’’ बनाए रखने के लिए स्टारलिंक को रोक रहे हैं। मस्क ने किसी कंपनी का नाम नहीं लिया था।

दूरसंचार मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश में सैटकॉम सेवाओं के लिए सुरक्षा मानकों का अनुपालन प्रदर्शित करना हर लाइसेंसधारी के लिए अनिवार्य है।

सरकार ने मस्क की स्टारलिंक, रिलायंस जियो की सैटेलाइट इकाई जियो सैटकॉम और भारती समर्थित यूटेलसैट वनवेब सहित तीन कंपनियों को लाइसेंस दिया है, लेकिन आवश्यक सुरक्षा आकलन और स्पेक्ट्रम संबंधी मंजूरी पूरी होने तक इनमें से कोई भी कंपनी वाणिज्यिक सेवाएं शुरू नहीं कर सकती।

भाषा हक हक नरेश

नरेश