नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश सरकार की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें स्थानीय निकाय चुनावों में पिछड़े वर्गों के लिए 34 प्रतिशत आरक्षण संबंधी दो सरकारी आदेशों को रद्द करने के उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी गई थी।
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने कहा कि आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने उचित आदेश पारित किया था।
उच्च न्यायालय ने एक अक्टूबर को दो सरकारी आदेशों को रद्द कर दिया था। उसने कहा था कि यह आरक्षण उच्चतम न्यायालय के उन दिशानिर्देशों के खिलाफ है, कि कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए।
उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को छह सप्ताह के भीतर चुनाव प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश भी दिया था।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने स्थानीय निकाय चुनावों में पिछड़े वर्गों के लिए 34 प्रतिशत आरक्षण की 18 अगस्त को घोषणा की थी।
नायडू ने कहा था, ‘‘ हमने यह फैसला गठबंधन सरकार के राजनीतिक सिद्धांत और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के वादे के तहत लिया है। हमने चुनाव के दौरान पिछड़े वर्गों को मनोनीत पदों पर आरक्षण देने का वादा किया था और हमने इसे पूरा किया है।’’
भाषा शोभना सिम्मी
सिम्मी