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रतन टाटा ने पूर्वोत्तर को स्वास्थ्य सेवाओं से सम्मान और उद्योगों से आगे बढ़ने की आकांक्षा दी: हिमंत

गुवाहाटी, नौ अक्टूबर (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि रतन टाटा ने स्वास्थ्य सेवाओं के जरिए पूर्वोत्तर के लोगों को सम्मान और उद्योगों के माध्यम से आगे बढ़ने की आकांक्षा दी।

दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा की पुण्यतिथि पर शर्मा ने कहा कि जब कैंसर असम में हर साल हजारों लोगों की जान ले रहा था, तब टाटा ने पूरे राज्य में 17 अस्पतालों की स्थापना की योजना तैयार करने में मदद की और ‘असम कैंसर केयर फाउंडेशन’ को महज एक विचार से बदलकर लोगों के लिए जीवनरक्षक व्यवस्था बना दिया।

शर्मा ने कहा कि रतन टाटा ने जागीरोड में ‘टाटा सेमीकंडक्टर संयंत्र’ स्थापित करके असम पर भरोसा जताया। यह संयंत्र इस साल के अंत तक चालू हो जाएगा। इसके आसपास विकसित हो रहे शहर का नाम ‘रतन टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी’ रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, ‘‘आज रतन टाटा की पुण्यतिथि पर मैं सिर्फ एक दिग्गज उद्योगपति को नहीं, बल्कि उस सच्चे मित्र को याद कर रहा हूं, जिसने असम को ऐसी प्राथमिकता दी, जैसी शायद ही किसी बाहरी व्यक्ति ने दी हो।’’

उन्होंने कहा कि जब कैंसर हर साल खामोशी से हजारों लोगों की जान ले रहा था, ‘‘तब उन्होंने सिर्फ चेक भेजकर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं मान ली, बल्कि हमारे साथ बैठकर पूरे राज्य में 17 अस्पतालों की योजना तैयार की और ‘असम कैंसर केयर फाउंडेशन’ को महज एक विचार से जीवनरक्षक व्यवस्था में बदलने में मदद की।’’

शर्मा ने कहा कि रतन टाटा ने एक बार उनसे कहा था कि उन्होंने अपने जीवन के अंतिम वर्ष स्वास्थ्य सेवाओं के लिए समर्पित कर दिए हैं और ‘‘असम वह राज्य बना, जहां उनका यह वादा साकार हुआ।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसी अटूट भरोसे का परिणाम था कि जब हमने असम को प्रौद्योगिकी केंद्र बनाने की अपनी योजना उनके सामने रखी, तो उन्होंने एक पल के लिए भी संकोच नहीं किया।’’

भाषा खारी वैभव

वैभव