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भारत-कोट डी आइवर की साझेदारी आपसी सम्मान पर आधारित है: जयशंकर

आबिदजान (कोट डी आइवर), नौ अक्टूबर (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पश्चिम अफ्रीकी देश कोट डी आइवर की यात्रा के दौरान उसके राष्ट्रपति अलासाने ओत्तारा से मुलाकात की और कहा कि भारत-कोट डी आइवर की साझेदारी आपसी सम्मान और विकास एवं समृद्धि के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है।

जयशंकर तीन अफ्रीकी देशों के अपने दौरे के दूसरे चरण में बुधवार को घाना से कोट डी आइवर पहुंचे। इसके बाद वह इथियोपिया गए।

विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ‘‘कोट डी आइवर गणराज्य के राष्ट्रपति अलासाने ओत्तारा से मुलाकात कर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से व्यक्तिगत रूप से शुभकामनाएं दीं।’’

विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘भारत-कोट डी आइवर की साझेदारी आपसी सम्मान और विकास तथा समृद्धि के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है।’’

उन्होंने एक मजबूत, स्थायी और पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी को लेकर अपना दृष्टिकोण साझा करने के लिए राष्ट्रपति ओत्तारा का आभार भी जताया।

विदेश मंत्री ने बुधवार को आबिदजान में कोट डी आइवर के उप-प्रधानमंत्री तेने बिराहिमा ओत्तारा से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच बढ़ती रक्षा साझेदारी पर चर्चा की।

बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘हमने आपसी विश्वास, क्षमता निर्माण और साझा हितों पर आधारित अपनी बढ़ती रक्षा साझेदारी पर चर्चा की।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और बढ़े संस्थागत आदान-प्रदान के जरिए रक्षा और आतंकवाद रोधी क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने के अवसरों पर विचार साझा किए।’’

ओत्तारा कोट डी आइवर के रक्षा मंत्री भी हैं। उन्होंने कहा कि जयशंकर के साथ उनकी बातचीत ‘‘कोट डी आइवर और भारत के बीच सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित रही।’’

ओत्तारा ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘यह बैठक शांति, सुरक्षा और विकास के लिए रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की हमारी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।’’

जयशंकर ने कोट डी आइवर की विदेश मामलों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री नियाले काबा के साथ दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने से जुड़े मुद्दे पर बातचीत की। इस दौरान व्यापार, बुनियादी ढांचे, कृषि और स्वास्थ्य सेवा पर विशेष ध्यान दिया गया।

जयशंकर ने कहा कि उन्होंने ‘‘व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचा, कृषि, स्वास्थ्य सेवा और लोगों के बीच परस्पर संबंध’’ समेत विभिन्न क्षेत्रों में भारत-कोट डी आइवर साझेदारी को आगे बढ़ाने के तरीकों पर काबा के साथ ‘‘व्यापक चर्चा’’ की।

उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हमने इस बात पर जोर दिया कि हमारा जन-केंद्रित सहयोग कोट डी आइवर की प्राथमिकताओं के अनुरूप आगे बढ़ेगा।’’

उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने बहुपक्षीय मंचों पर अपने जुड़ाव को और गहरा करने पर भी चर्चा की।

जयशंकर ने बुधवार को कोट डी आइवर में भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम के पूर्व प्रतिभागियों के साथ बातचीत के दौरान कहा कि विकास साझेदारी अफ्रीका के साथ भारत के संबंधों का हमेशा से प्रमुख आधार रही है और भारत का सहयोग अफ्रीकी साझेदार देशों की जरूरतों एवं प्राथमिकताओं के अनुरूप होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि 1964 में शुरू हुआ आईटीईसी कार्यक्रम क्षमता निर्माण और अन्य देशों के साथ सहयोग के लिए भारत के सबसे महत्वपूर्ण मंचों में से एक बन गया है।

जयशंकर ने कोट डी आइवर में भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत की।

जयशंकर ने यह यात्रा ऐसे समय में की है जब भारत अफ्रीकी देशों के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत करने, ‘ग्लोबल साउथ’ के साथ सहयोग बढ़ाने तथा व्यापार, निवेश, क्षमता निर्माण, रक्षा और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने का प्रयास कर रहा है।

‘ग्लोबल साउथ’ शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर आर्थिक रूप से कम विकसित देशों को संदर्भित करने के लिए किया जाता है।

भाषा सुरभि सिम्मी

सिम्मी