Breaking News

एमएलसी चुनाव: मेरठ-बरेली में बीजेपी की जीत     |   भाजपा प्रत्याशी डॉ हरि सिंह ढिल्लों की बड़ी जीत, 17676 मतों से विजयी     |   इजरायल चुनाव: एग्जिट पोल में बेंजामिन नेतन्याहू को बहुमत नहीं     |   सूडान के दारफुर में बाजार पर ड्रोन हमला, 102 लोगों की मौत, सेना पर आरोप     |   बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन की चांदनी चौक इलाके में पदयात्रा आज     |  

'अज्ञात' मानकर रियल एस्टेट कारोबारी के शव का अंतिम संस्कार करने के मामले में थाना प्रभारी निलंबित

गुरुग्राम, आठ अक्टूबर (भाषा) गुरुग्राम पुलिस द्वारा 31 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी युवराज सिंह मनचंदा के शव का ब्योरा पुलिस डेटाबेस 'जिपनेट' पर डाले बिना 'अज्ञात' मानकर दाह संस्कार करने के आरोप में बादशाहपुर के थाना प्रभारी (एसएचओ) को निलंबित कर दिया गया है।

पुलिस की इस लापरवाही का मामला अब उच्चतम न्यायालय पहुंच गया है, जिसके बाद पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है।

पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि हत्या के इस मामले में बादशाहपुर के थाना प्रभारी राजेश बागड़ी को निलंबित कर दिया गया है।

पुलिस की यह लापरवाही तब उजागर हुई जब 10 सितंबर को युवराज का शव मिला था, लेकिन लावारिस/अज्ञात शवों और लापता व्यक्तियों की जानकारी साझा करने वाले अंतर-राज्यीय पुलिस डेटाबेस 'जिपनेट' (ज़ोनल इंटीग्रेटेड पुलिस नेटवर्क) पर इसका विवरण अपलोड नहीं किया गया। इसके बाद, परिजनों द्वारा पहचान किए जाने का अवसर मिलने से पहले ही पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

मृतक युवराज की बहन हरसिमरन मनचंदा ने उच्चतम न्यायालय का रुख करते हुए आरोप लगाया कि भाई का शव मिलने के बावजूद उसका ब्योरा अंतर-राज्यीय पुलिस डेटाबेस पर दर्ज नहीं किया गया था।

मामले का संज्ञान लेते हुए शीर्ष अदालत ने दिल्ली और गुरुग्राम के पुलिस आयुक्तों से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद गुरुग्राम पुलिस के पांच कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है।

भाषा सुमित अविनाश

अविनाश