लखनऊ, आठ अक्टूबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बृहस्पतिवार को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख की राम भक्ति संदेह के घेरे में है।
बृहस्पतिवार को अयोध्या में श्रीमद्भागवत कथा में पहुंचे सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में जहां उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी, वहीं यादव ने यह भी कहा कि ‘‘हमारे लिए जो प्रभु राम हैं, वही प्रभु श्रीकृष्ण हैं और जो प्रभु श्रीकृष्ण हैं वही हमारे लिए प्रभु श्रीराम हैं।’’
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मौर्य ने कहा, ‘‘अयोध्या पहुंचने के बावजूद रामलला के दर्शन नहीं करना अखिलेश की राम भक्ति पर सवाल खड़े करता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रदेश की जनता, प्रदेश के राम भक्त सब देख रहे हैं। जो अयोध्या जाकर भी रामलला के मंदिर में नहीं जा रहे हैं, इसका मतलब है कि उनकी राम भक्ति संदेह के घेरे में है। क्योंकि देश ही नहीं दुनिया के कोने-कोने से लोग अयोध्या जाकर राम मंदिर के दर्शन करते हैं।’’
अखिलेश यादव के ‘राम और कृष्ण एक ही हैं’, वाले बयान पर मौर्य ने कहा, ‘‘तो अखिलेश यादव कृष्ण जन्मभूमि चले जाएं, श्री राम जन्मभूमि चले जाएं, काशी विश्वनाथ जी चले जाएं, लेकिन उनको वोट बैंक खिसकने का डर लगेगा।’’
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर मौर्य ने कहा, ‘‘कांग्रेस को जवाब देश की जनता देगी।’’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता नवीन श्रीवास्तव के मुताबिक, मौर्य ने प्रयागराज में राज्यसभा चुनाव के लिए सपा उम्मीदवार धनराज परिमल नाथवानी को भाजपा की तरफ बताया है।
मौर्य ने प्रयागराज में कहा, ‘‘सपा उम्मीदवार तो भाजपा की तरफ हैं। वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सेवा के 25 साल पूरे होने पर तारीफ कर रहे। मतलब साफ है कि सपा के जीतने वाले उम्मीदवार में भी फूट है।’’
मौर्य ने कहा, ‘‘100 में 80 पहले से हमारा है, लगता है 20 में भी बंटवारा है।’’
उपमुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी बृहस्पतिवार दोपहर सपा के राज्यसभा उम्मीदवार धनराज नाथवानी द्वारा ‘एक्स’ पर की गई उस पोस्ट को लेकर की, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री के 25 साल के कार्यकाल की तारीफ की थी।
भाषा आनन्द शफीक
शफीक