मालदा (पश्चिम बंगाल), आठ अक्टूबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बृहस्पतिवार को राज्य में गोहत्या और धर्म परिवर्तन के खिलाफ चेतावनी दी और ‘लव जिहाद’ व ‘लैंड जिहाद’ को रोकने का संकल्प लिया।
शुभेंदु ने कहा, ‘‘अगर मेरे कार्यकाल में ऐसी घटनाएं दोबारा हुईं, तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा।’’
बांग्लादेश की सीमा से सटे मुस्लिम-बहुल जिले मालदा में एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिकारी ने कहा कि 2023 में कालियाचक-1 ब्लॉक में कथित धर्म-परिवर्तन की घटना ऐसी आखिरी घटना होगी और उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी देखरेख में मोथाबारी और कालियाचक जैसी सांप्रदायिक हिंसा दोबारा नहीं होगी।
उन्होंने कहा, ‘‘क्या आप मालदा में धर्म परिवर्तन रोकेंगे? ज़िले के कालियाचक-1 ब्लॉक में ऐसी ही एक घटना दर्ज की गई थी। वह आखिरी घटना थी। अगर मेरे कार्यकाल में ऐसी कोई घटना होती है, तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा।’’
अधिकारी ने कहा, ‘‘अगर मेरे कार्यकाल में ऐसा होता है, तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा। मैं आपसे कह रहा हूं कि अब कहीं भी कोई धर्म परिवर्तन नहीं होना चाहिए। जब तक मैं जीवित हूं, मैं मोथाबाड़ी और कालियाचक (जैसी घटनाओं को दोबारा) नहीं होने दूंगा।’’
बांग्लादेश की सीमा से लगे इस जिले के मोथाबाड़ी में 2023 में दो भाइयों के जबरन धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए एक मामला दर्ज किया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां सांप्रदायिक दंगे हुए थे जिनमें हिंदुओं को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा था।
अधिकारी ने कहा, ‘‘लव जिहाद और लैंड जिहाद को रोका जाएगा। हमने बीएसएफ को जमीन दे दी है। एक मक्खी को भी घुसने नहीं दिया जाएगा।’’
पश्चिम बंगाल सरकार ने मई में मालदा सहित कई जिलों में कंटीले तारों की बाड़ लगाने और सीमा चौकी के लिए 142.79 एकड़ जमीन बीएसएफ को हस्तांतरित की है।
नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) पर अधिकारी ने कहा कि आवेदकों को अब प्रमाणपत्र के लिए दूसरों के पास जाने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि केंद्र ने राज्य को इन्हें जारी करने की शक्ति दे दी है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम सुनवाई करेंगे और प्रमाणपत्र देंगे। जिन लोगों ने आवेदन नहीं किया है, उन्हें जल्दी करना चाहिए। जिन लोगों को पहले ही प्रमाण पत्र मिल चुके हैं, उन्हें मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा, और उनमें से जो लोग अनुसूचित जातियों से संबंधित हैं, उन्हें उनके जाति प्रमाणपत्र भी मिलेंगे।’’
मुख्यमंत्री ने सभी से पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम, 1950 का सख्ती से पालन करने को भी कहा।
अधिकारी ने कहा कि मालदा को नशा मुक्त बनाने और बाल विवाह रोकने के लिए भी राज्य सरकार काम करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग स्कूलों और मदरसों में कक्षाओं की शुरुआत से पहले पूरा वंदे मातरम गाएंगे, वो मेरे दोस्त होंगे।’’
अधिकारी ने यह भी घोषणा की कि किसानों का समर्थन करने के लिए एक किसान विकास बोर्ड का गठन किया जाएगा।
छात्रों से संवाद करते हुए शुभेंदु ने कहा, ‘‘जो लोग स्कूलों और मदरसों में कक्षाएं शुरू होने से पहले पूरा ‘वंदे मातरम’ गाएंगे, वे मेरे दोस्त होंगे।’’
मुख्यमंत्री ने किसानों के समर्थन के लिए किसान विकास बोर्ड गठित करने की भी घोषणा की और लोगों से लगातार समर्थन देने का आग्रह किया।
सोलह विधानसभा और दो लोकसभा सीटों वाला मालदा जिला पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य में काफी राजनीतिक महत्व रखता है। भाजपा ने राज्य में सीमा सुरक्षा, नागरिकता, धार्मिक पहचान और कथित घुसपैठ जैसे मुद्दों को अपने राजनीतिक विमर्श के केंद्र में रखने की कोशिश तेज की है।
भाषा
राखी सुरेश
सुरेश