नयी दिल्ली/बेंगलुरु, आठ अक्टूबर (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि उनके पास फोटो साक्ष्य मौजूद हैं कि कैसे राज्य में पदभार संभालने के बाद एक कथित 'स्टिंग ऑपरेशन' के जरिए उन्हें फंसाने का प्रयास किया गया था।
हालांकि, उन्होंने इस कथित ‘स्टिंग ऑपरेशन’ का विवरण नहीं दिया और न ही यह बताया कि साजिशकर्ताओं ने उन्हें किस मामले में फंसाने की कोशिश की थी।
गुप्त रूप से वीडियो या ऑडियो रिकॉर्ड करके किसी मामले का पर्दाफाश करने की प्रक्रिया को स्टिंग ऑपरेशन कहते हैं।
नयी दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए शिवकुमार ने कहा, 'कुछ लोगों ने मुझसे संपर्क किया था। अगर मैं चाहूं तो सारे फोटो जारी कर सकता हूं, लेकिन फिलहाल मुझे ऐसा करने की जरूरत महसूस नहीं होती। मुझे पता है कि कौन क्या कर रहा है।'
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनका मतलब यह है कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से फंसाने की कोशिश की गई थी, तो शिवकुमार ने कहा, 'हां, उन्होंने मुझसे ही इसकी शुरुआत करने की कोशिश की थी। मेरे पास इसके सभी सबूत हैं।'
शिवकुमार ने बताया कि 'कुछ लोगों' की गतिविधियों पर संदेह होने के बाद उन्होंने पुलिस को सतर्क कर दिया था और जानकारी जुटाकर दस्तावेज तैयार रखे हैं।
उन्होंने कहा, 'कुछ लोग अलग-अलग बहानों से कुछ मुद्दों पर चर्चा करने मेरे पास आए थे। मुझे पता है कि वे कैसे आए, किससे मिले और उन्होंने क्या चर्चा की। मुझे यह भी मालूम है कि इस साजिश के पीछे का मुख्य सूत्रधार कौन है।'
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने शिवकुमार के बयानों पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि 'नाइस' (नंदी इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर एंटरप्राइजेज) परियोजना से ध्यान भटकाने के लिए यह मुद्दा उठाया जा रहा है।
हासन जिले में संवाददाताओं से बातचीत में कुमारस्वामी ने कहा कि वह इस बात से हैरान हैं कि मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा वाला मुद्दा बाहर कैसे 'लीक' हो गया।
भाषा सुमित पवनेश
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