नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर (भाषा) रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के शेयर में बृहस्पतिवार को दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। इससे कंपनी का बाजार मूल्यांकन 39,718 करोड़ रुपये घट गया।
एलन मस्क के इस आरोप को लेकर बनी चिंताओं के बीच शेयर में गिरावट ने बाजार की कुल गिरावट में भी अहम योगदान दिया कि घरेलू कारोबारी हित स्टारलिंक की उपग्रह इंटरनेट सेवाओं को भारत में रोक रहे हैं।
भारत सरकार और एलन मस्क के बीच बृहस्पतिवार को इस मुद्दे पर तीखी बयानबाजी हुई। दूरसंचार विभाग ने मस्क के इस आरोप को खारिज कर दिया कि घरेलू कारोबारी हित स्टारलिंक की उपग्रह इंटरनेट सेवाओं को रोक रहे हैं। इसके बाद मस्क ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर सवाल किया कि ‘‘क्या अंबानी ही भारत के असली बॉस हैं’’
सरकार ने दिन में इससे पहले भी स्टारलिंक की उपग्रह संचार सेवाओं को रोके जाने के मस्क के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी।
सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में उपग्रह संचार सेवा के लिए लाइसेंस प्राप्त हर कंपनी को सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा।
बीएसई पर आरआईएल का शेयर 2.43 प्रतिशत गिरकर 1,177.30 रुपये पर बंद हुआ। एनएसई पर यह 2.45 प्रतिशत गिरकर 1,178 रुपये पर रहा।
कंपनी का बाजार मूल्यांकन 39,718 करोड़ रुपये घटकर 15,93,185.78 करोड़ रुपये रह गया।
आरआईएल के शेयर में गिरावट का सेंसेक्स पर सबसे अधिक असर पड़ा और इससे सूचकांक में 164 अंक की कमी आई। निफ्टी में रिलायंस का भारांश करीब नौ प्रतिशत है और शेयर में गिरावट से निफ्टी में करीब 53 अंक की कमी आई।
वोडाफोन आइडिया का शेयर 3.03 प्रतिशत गिरा, जबकि भारती एयरटेल में भी करीब दो प्रतिशत की गिरावट रही।
लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,045.46 अंक यानी 1.44 प्रतिशत गिरकर 71,593.24 अंक पर बंद हुआ। यह ढाई साल से अधिक समय का इसका सबसे निचला स्तर है।
भाषा योगेश अजय
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